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प्रीपेड मीटर पर अब किरायेदार भी लें सकेंगे सब्सिडी लाभ

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता

अब किरायेदार भी अपनी निजी कंपनी से आसानी अपने नाम पर बिजली का मीटर ले सकते है और मकान मालिक की तरह 400 यूनिट तक बिजली खपत पर बिजली सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। ये व्यवस्था दिल्ली में लागू होगी। इसके दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने आदेश जारी कर दिए हैं।

ख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल ने लाखों को किरायेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसी योजना बनाने के आदेश दिए थे। इन आदेशों के बाद अब दिल्ली सरकार के ऊर्जा विभाग योजना को लागू करने विस्तृत प्लान बना रहा है। बताया जा रहा है कि बिजली कंपनियों को इसके लिए मीटर की खरीद करनी होगी। मीटर आते ही इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सरकार योजना को दिसम्बर से लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जल्द ही गाइड लाइन व दिशा निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। जिस आधार पर किरायेदार इन मीटर को ले सकेंगे।

सरकार के पास आई थी ऐसी ओवर चार्जिंग की शिकायतें : मामले में सरकार के पास बड़ी संख्या में ओवर चार्जिंग की शिकायतें भी सामने आई है। डीईआरसी द्वारा तय दरों के अतिरिक्त उपभोक्ताओं से अधिक बिजली शुल्क वसूला जा रहा था। यह शुल्क 7 रुपये प्रति यूनिट तक था। इससे बचाने के लिए सरकार ने इन किरायेदारों को भी बिजली मीटर देने का फैसला लिया था ताकि सब्सिडी का लाभ इन उपभोक्ताओं को दिया जा सके। अब तक केवल 400 यूनिट तक की खपत करने वाले मकान मालिक ही बिजली की सब्सिडी का लाभ उठा पा रहे हैं।

केवल सब्सिडी लाभ नहीं विशेष छूट भी होगी

सब्सिडी के अतिरिक्त एक प्रतिशत अधिक होगा लाभ

इन उपभोक्ताओं को सब्सिडी से भी एक प्रतिशत अधिक लाभ मिलेगा। दरअसल प्रीपेड सेवा को बढ़ाया जा सके। इसके लिए विशेष प्रावधान है कि ऐसे उपभोक्ताओं को एक प्रतिशत कम टैरिफ मिलता है। नए प्रावधान से उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की खपत 50 प्रतिशत बिल का भुगतान करना होगा। इसके अतिरिक्त एक प्रतिशत अधिक राहत होगी। बिजली कंपनियां उपभोक्ता की खपत अनुसार दिल्ली में प्रीपेड मीटर उपलब्ध करा रही है। अब तक यह सुविधा केवल सरकारी विभागों के पास उपलब्ध है। टैरिफ में राहत की व्यवस्था 2013 से शुरू की गई थी और 2015 में भी इसे जारी रखा गया है। दिल्ली सरकार ने टैरिफ के बढ़ते बोझ को भी संभाला है और टैरिफ में जब आयोग ने बढ़ोत्तरी करने के आदेश दिए थे। उस पर जनता को राहत दी थी। आंकड़ों के मुताबिक इस व्यवस्था से बिजली खपत में भी गिरावट लाई गई है।

केवल कोई भी दो प्रमाण देने होंगे उपभोक्ता को

बिजली का कनेक्शन लेना है तो उपभोक्ता को दो ही प्रमाण देने होंगे। इसमें आधार व घर के पते का स्थाई प्रमाण शामिल है। प्रमाण से ही आपके घर पर आसानी से बिजली का मीटर लग जाएगा।

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  • Web Title:now pre paid meter for power for rent houses
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