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कुशक नाला: सीएम की सुनते हो, पांच साल से हमारी क्यों नहीं सुने

कुशक नाले की सफाई पर एक बार हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग को आड़े हाथ लिया। हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग से कहा कि हम पांच साल से आदेश दे रहे हैं लेकिन नाले की सफाई नहीं हुई और अब कहते तो कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी नाले की सफाई के लिए निर्देश दिए। जस्टिस संजीव सचदेवा व ए. के. चावला की पीठ ने सोमवार को की है। पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिवक्ता ने नाले की सफाई का काम शुरू होने की जानकारी देते हुए कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री ने भी आदेश जारी किए। इसके बाद पीठ ने नाराजगी जाहिर करते हुए विभाग को आड़े हाथ लिया। इससे पहले लोक निर्माण विभाग ने कुशक नाले की सफाई करने की जानकारी देते हुए इसकी तस्वीरें भी पेश की। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि नाले को पूरी तरह से साफ करने के लिए अभी बहुत काम करना बांकी है। दूसरी तरफ इस मामले में साउथ एक्स भाग एक के रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मंजीत चुग ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की ओर से पेश तस्वीरों पर सवाल उठाया। उन्होंने नाले की सफाई को लेकर विभाग के दावों को झूठा बताया। अब हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को पूरी तरह से नालों की सफाई करने और रिपोर्ट पेश करने को कहा है। नाले की सफाई नहीं होने पर 16 जून को हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जेल भेजने की चेतावनी दी। हाईकोर्ट ने कहा था कि पिछले पांच सालों में नाले की सफाई नहीं हुई, अब ऐसा लगता है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जेल भेजने के बाद ही सफाई होगी। साथ ही कहा था कि या तो नाले की सफाई करो वरना जेल जाने के लिए तैयार रहो। साथ ही उन अधिकारियों की के नाम भी मांगे थे जो नाले साफ नहीं होने के लिए जिम्मेदार हैं। लोक निर्माण विभाग ने सोमवार को हाईकोर्ट को बताया कि नाले की सफाई के लिए कार्यकारी अभियंता व सहायक अभियंता जिम्मेदार हैं। पीठ ने यह आदेश चुग की ओर से नाले की सफाई को लेकर दाखिल याचिका पर दिया है। हाईकोर्ट ने 13 जून को लोक निर्माण विभाग को नाले से युद्धस्तर पर मलबा निकलाने का आदेश दिया था ताकि बरासत में इसके आसपास के क्षेत्रों में जलभराव न हो। इस नाले में बारापुला फ्लाइओवर के निर्माण का मलबा पड़ा होने से पिछले कई सालों से साउथ एक्स व अन्य क्षेत्रों में बरसात का पानी भर जाता है। सोमवार को सफाई लोक निर्माण विभाग ने नाले की सफाई के लिए पॉप लेन (स्वचालित मशीन होती है और पानी में घुसकर गाद व मलबा निकालने का काम करता है।) ========= 6 बार बढाई गई फ्लाइओवर पूरा करने का समय कुशक नाले के उपर बन रहे बारापुला फ्लाइओवर का काम वर्ष 2015 तक पूरा किया जाना था। लेकिन तब से लेकर अब तक 6 बार फ्लाइओवर निर्माण का काम पूरा करने की समय-सीमा बढ़ाई जा चुकी है। याचिकाकर्ता ने पीठ को को बताया कि लोक निर्माण विभाग ने दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से फ्लाइओवर के निर्माण कार्य के लिए 2013 से 2015 तक के लिए ही अुनमति ली थी। लेकिन इसके बाद से लोक निर्माण विभाग ने नाले के उपर काम जारी रखने के लिए अनुमति नहीं ली। अब फ्लाइओवर का काम पूरा करने की समय सीमा सितंबर तय हुई है। लोक निर्माण विभाग ने 8 फरवरी,2017 को हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि 31 मार्च, 2017 तक नाले को पूरी तरह से साफ कर देंगे। हाईकोर्ट ने इस पर अमल करने को कहा था। क्या है रिपोर्ट हाईकोर्ट के आदेश परा अधिवक्ता गुरनीत कौर ने कुशक नाले का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि नाले में पूरी तरह से गाद और निर्माण का मलबा पड़ा है। उन्होंने कहा कि नाले की पिछले साल की निरीक्षण के बाद से अब तक कोई विशेष अंतर नहीं आया है। कुशक नाला आईएनए से यमुना नदी तक कुल लंबाई- 6.5 किलोमीटर जलभराव से प्रभावित इलाका- साउथ एक्सटेंशन भाग-1, एम्स चौक, ग्रेटर कैलाश, पिलंजी गांव, आलीगंज, प्रेमनगर, लोधी रोड का कुछ हिस्सा, मथुरा रोड एसडीएमसी को साफ करना है 750 मीटर लोक निर्माण विभाग को करना है 5 किलोमीटर 750 मीटर। नोट- लोक निर्माण विभाग को नाले की सफाई इसलिए करना है क्योंकि नाले के उपर बन रहे बारापुला फ्लाइओवर के कारण निर्माण का मलबा इसमें पड़ा हुआ है। -
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  • Web Title:Kushak Nala: listening to CM, why not listen to us for five years