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चुनाव के बाद रही शांति, समर्थकों ने किया आराम

डूसू चुनाव के बाद गुरुवार को नॉर्थ और साउथ कैम्पस सहित सभी कॉलेजों का माहौल शांत दिखाई दिया। नॉर्थ कैंपस में जगह-जगह चुनावी चर्चा और अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को लेकर चर्चा हो रही थी। डूसू चुनाव में हुए फेरबदल को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों में भी चर्चाएं होती रहीं। सभी लोग रॉकी तुसीद की जीत के साथ हुई एनएसयूआई की वापसी और एबीवीपी के हाथों से सत्ता खोने के बारे में अपनी-अपनी राय दे रहे थे। वहीं अलग-अलग संगठनों के प्रत्याशियों ने पूरा दिन आराम करने में बिताया। प्रचार और लोगों से मिलने-जुलने में थके प्रत्याशी और उनके समर्थकों की संख्या बहुत कम नजर आ रही थी। लोगों में सबसे ज्यादा चर्चा एनएसयूआई के प्रत्याशी रॉकी तुसीद की जीत चर्चा हो रही थी। कहा जा रहा है कि रॉकी की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसे प्रचार के लिए केवल एक दिन का ही समय मिला था। इसके अलावा डीयू में बातचीत का दूसरा अहम मुद्दा एबीवीपी के दो सीटों पर हार भी रहा। एबीवीपी डूसू की सत्ता पर पिछले चार सालों से जीत रही है। इस बार भी चुनाव में अच्छे नतीजों की उम्मीद थी। राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ी एबीवीपी के हाथों निराशा हाथ लगी। उसे केवल सचिव और संयुक्त सचिव पद से ही संतोष करना पड़ा।

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