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भ्रष्ट लोकसेवकों से सख्ती से निपटे जाने की आवश्यकता :अदालत

लोकसेवकों के भ्रष्टाचार से सख्ती से निपटने की आवश्यकता है ताकि उन्हें इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके। अदालत ने यह टिप्पणी एक पूर्व दूरसंचार अधिकारी को भ्रष्टाचार के मामले में तीन साल के कारावास की सजा सुनाते हुए की। अदालत ने वर्ष 1977 और वर्ष 2004 के बीच बीएसएनएल (दिल्ली) और एमटीएनएल (मुंबई) के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी रहे अजय कुमार ठक्कर को 17 लाख 34 हजार रुपये तक की आय से अधिक संपत्ति जमा करने के लिए उनपर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। द्वारका स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश विकास ढुल की अदालत ने कहा कि लोकसेवकों के भ्रष्टाचार से सख्ती से निपटे जाने की आवश्यकता है ताकि अन्य लोकसेवकों को इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके। अदालत ने यह भी कहा कि दोषी अजय कुमार ठक्कर को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई जाती है और पांच लाख रुपये का जुर्माना भी किया जाता है।
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  • Web Title:corruption case