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मणिपुर के पूर्व मंत्री के बेटे की चौथी मंजिल से गिरकर मौत

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हौजखास गांव में शनिवार शाम एक बार की चौथी मंजिल से गिरकर 19 वर्षीय युवक सिद्धार्थ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सिद्धार्थ मणिपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री एम.ओकेंद्रो सिंह का पुत्र था। पुलिस को आशंका है कि हादसे के वक्त सिद्धार्थ अत्यधिक नशे में था। उधर, परिजनों ने सिद्धार्थ की हत्या का आरोप लगाया है। 
सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। रेस्टोरेंट और आसपास की इमारतों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर सिद्धार्थ अपने ड्राइवर राम सिंह के साथ कार से हौजखास गांव आया था। सिद्धार्थ को छोड़कर राम सिंह  वापस चला गया। शाम 4.15 बजे सिद्धार्थ मैच बॉक्स रेस्टोरेंट (बार) और माई बार ग्रिल रेस्टोरेंट एंड बार के पीछे बनी पार्किंग में चौथी मंजिल से नीचे गमलों पर आकर गिरा। वहां मौजूद आयुष नामक युवक ने अचेतावस्था में सिद्धार्थ को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। सिद्धार्थ की बहन उज्जवला भी अस्पताल पहुंची। शाम 6.30 बजे सिद्धार्थ की मौत हो गई। उज्जवला ने अज्ञात लोगों पर सिद्धार्थ की हत्या का आरोप लगाया है।  वहीं, पुलिस जांच कर रही है कि युवक माई बार ग्रिल रेस्टोरेंट की चौथी मंजिल से कैसे गिरा।

नशे की हालत में था सिद्धार्थ
 पुलिस के अनुसार, सिद्धार्थ रेस्टोरेंट की सीसीटीवी फुटेज में नशे की हालत में छत की ओर जाता हुआ दिख रहा है। पुलिस वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अतिरिक्त जिला पुलिस उपायुक्त, चिन्मॉय बिस्वाल ने बताया कि गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी गई है। घटनास्थल के पास से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा उस वक्त वहां मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। 

मणिपुर के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं ओकेंद्रो सिंह
सिद्धार्थ अपने परिवार के साथ सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया में रहता था। उसके पिता ओकेंद्रो सिंह मणिपुर से कांग्रेस के विधायक रहे हैं। पूर्व में वह मणिपुर के गृह और शिक्षा मंत्री के अलावा उप मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। मणिपुर की राजनीति में ओकेन्द्रों सिंह रसूख वाले नेता माने जाते हैं। सिद्धार्थ के परिवार में मां सरिता देवी, बहन उज्जवला और एक छोटा भाई मोरांबो एम भी हैं। सिद्धार्थ ने चार साल पहले दिल्ली में डीपीएस मथुरा रोड स्कूल में दाखिला लिया था। इसी साल उसने डीयू के साउथ कैंपस के एक कॉलेज में दाखिला लिया था, जबकि उसकी बड़ी बहन उज्जवला प्राइवेट नौकरी करती है। सिद्धार्थ की मौत के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। किसी को भी समझ में नहीं आ रहा है कि उनके परिवार में यह घटना कैसे हो गई। 

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