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हर दिन एक सवाल उठाकर ऑनलाइन कैंपेन चलाया था

Aarushi murder case

आरुषि कांड के बाद न्याय के लिए देशभर से आवाज उठी थी लेकिन सोशल मीडिया पर सबसे असरदार कैंपन था-जस्टिस फॉर आरुषि। इस कैंपेन की सबसे बड़ी खासियत थी कि सोशल साइट पर रोजाना इस केस से जुड़ा एक सवाल उठाया जाता था। इस मुहिम में लोग केस का अध्ययन कर पुलिस व सीबीआई की जांच की गलतियों को उठाते थे।

खास बात यह कि लखनऊ की रहने वाली इंश्योरेंस कंपनी की मैनेजर स्वाति ने यह मुहिम शुरू की। धीरे-धीरे इससे हजारों लोग जुड़ गए। स्वाति न तो आरुषि को जानती हैं न ही उनके परिवार के लोगों को। उन्होंने सिर्फ इस मुहिम के लिए तब ट्विटर चलाना सीखा और देश विदेश के लोगों को जोड़ा।

स्वाति कहती हैं कि वह सच्चाई जानने के लिए आवाज उठाना चाहती थीं और इसके लिए उन्हें सोशल मीडिया सबसे असरदार मंच लगा। मीडिया में मामला आने के बाद पहले आरुषि केस के सभी पहलुओं का अध्ययन किया और फिर लगातार फॉलो करती रहीं। ट्विटर पर @्न४२३्रूी4ंं१४२ँ्र अकाउंट को अब भी पांच हजार से अधिक लोग फॉलो कर रहे हैं। फेसबुक पर भी जस्टिस फॉर आरुषि नाम से पेज है।

आठ लोगों का है ग्रुप

स्वाति ने बताया कि सबसे पहले फेसबुक पर आरुषि के बारे में हम लोगों ने बातचीत की। कई लोग इस कैंपेन चलाने के लिए आगे आए। हम आठ लोग अब तक सक्रिय हैं। इनमें स्वाति के अलावा मिशगन निवासी राधिका रजवानी, बेंगलुरू निवासी आनंद गौतम, गनन प्रिया, हैदराबाद निवासी आदर्शदीप व लखनऊ निवासी चाहत शामिल हैं।

अब मिलेंगे तलवार परिवार से

स्वाति का कहना है कि हम लोग तलवार परिवार को नहीं जानते हैं। हालांकि तलवार दंपति को इस सोशल नेटवर्किंग कैंपेन के बारे में पता है। स्वाति ने शुक्रवार को ही संदेश भिजवाकर तलवार दंपति से मिलने का वक्त मांगा है।

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