class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यमुना में कूड़ा फेंका तो जुर्माना

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने शुक्रवार को यमुना के किनारे शौच करने और कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगा दिया। एनजीटी ने इस आदेश का उल्लंघन करने वालों से पांच हजार रुपये बतौर पयार्वरण जुर्माना वसूले जाने का निर्देश दिया है। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार और नगम निगमों को निर्देश दिया है कि वे उन उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो आवासीय इलाकों में चल रहे हैं और नदी के प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। 


हरित पैनल ने कहा कि यमुना तक पहुंचने वाले प्रदूषण के लगभग 67 प्रतिशत हिस्से का शोधन दिल्ली गेट और नजफगढ़ स्थित दो दूषित जल शोधन संयंत्रों द्वारा किया जाएगा। ऐसा मैली से निर्मल यमुना पुनरुद्धार परियोजना 2017 के चरण एक के तहत किया जाएगा। 


एनजीटी ने 1 मई को दिल्ली गेट और ओखला स्थित दूषित जल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) की जांच का आदेश दिया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यमुना पहुंचने से पहले दूषित जल साफ हो जाए। अधिकरण ने इन संयंत्रों के कामकाज के बारे में रिपोर्ट भी मांगी थी। एनजीटी यह निर्देश मैली से निर्मल यमुना पुनरुद्धार परियोजना 2017 के क्रियान्वयन की निगरानी की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए।

निगरानी को समिति गठित

एनजीटी ने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता वाली एक समिति भी गठित की। समिति का काम यमुना की सफाई से जुड़े काम की देखरेख करना है। इस समिति को नियमित अंतराल पर रिपोर्ट भी देनी होगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Throwing garbage in Yamuna would be a fine