class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

Bullet Train:शहरों को रफ्तार के साथ लाखों रोजगार भी देगी ये ट्रेन, जानें इसकी 10 खास बातें 

Bullet train

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के राष्ट्रपति शिंजो अबे आज मुंबई-अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखेंगे। शहरों के भीतर ट्रैफिक का बोझ करने वाली मेट्रो के बाद जापान के सहयोग से बुलेट ट्रेन शहरों के बीच ट्रैफिक में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। भारत की पहली बुलेट ट्रेन से संगठित क्षेत्र में 24 हजार और असंगठित क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा रोजगार पैदा होने की संभावना है।  

बुलेट ट्रेन का दायरा
24 हाईस्पीड ट्रेनें जापान से आएंगी, बाकी भारत में बनेंगी
70 चक्कर लगाएगी मुंबई से अहमदाबाद के बीच

508 किलोमीटर
(महाराष्ट्र 156, गुजरात 351 किलोमीटर, 2 किमी दादरा नगर हवेली)

21 किलोमीटर सुरंग, 7 किलोमीटर समुद्र के अंदर

12 स्टेशन प्रस्तावित
मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद, साबरमती

रैपिड ट्रेन
2 घंटे 7 मिनट लगेंगे
सिर्फ सूरत-वडोदरा पर रुकी तो

धीमी सेवा 
2 घंटे 58 मिनट लगेंगे
सभी 10 स्टेशनों पर रुकी तो

भविष्य में यहां भी चलेंगी बुलेट ट्रेनें
दिल्ली-कोलकाता
दिल्ली-मुंबई
दिल्ली-चंडीगढ़
दिल्ली-नागपुर 

चार साल की कवायद
2013 दिसंबर में व्यावहारिक अध्ययन शुरू हुआ
2015 जुलाई में व्यावहार्यता रिपोर्ट तैयार हुई  
2016 फरवरी में नेशनल हाईस्पीड रेल कारपोरेशन गठित
21 दिसंबर 2016 को भारत-जापान व्यापार संवर्धन बोर्ड में करार

बेहद सस्ता ऋण मिला
01 लाख 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे प्रोजेक्ट में 
88 हजार करोड़ का ऋण देगी जापान सरकार
0.1 % के मामूली ब्याज पर 50 साल में चुकाना होगा ऋण
5 से 7 फीसदी होता है विश्व बैंक का ऋण 

ट्रेनिंग के लिए कमर कसी
वडोदरा में हाईस्पीड रेल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनेगा
04 हजार लोगों को प्रशिक्षित करेगा तीन साल में 
300 भारतीय इंजीनियर जापान में ले रहे ट्रेनिंग
20 सीटें जापान यूनिवर्सिटी में भारतीय अफसरों के लिए

सुरक्षित और भरोसेमंद शिंकनसेन
1964 से चल रही शिंकनसेन बुलेट ट्रेनों का बेहतरीन सेफ्टी रिकॉर्ड
भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं को झेलने में सक्षम सेफ्टी सिस्टम
250 से 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
15 देशों में दौड़ रहीं शिंकनसेन ट्रेन
01 मिनट से भी कम देरी का रिकॉर्ड

मेक इन इंडिया का प्रोजेक्ट
भारत को उन्नत टेक्नोलॉजी भी मिलेगी
भारत में बनेंगे उपकरण और कोच
तकनीक का हस्तांतरण भी होगा
कॉरीडोर के किनारे औद्योगिक विकास होगा
दूसरे हाईस्पीड प्रोजेक्ट को मदद मिलेगी

दिल्ली मेट्रो सहयोग की मिसाल
2002 में दिल्ली में मेट्रो का आगाज 
27 लाख रोजाना करते हैं सफर 164 स्टेशनों से 
02 लाख 83 हजार टन ईंधन बचाया
बेंगलुरु-चेन्नई समेत 10 शहरों में विस्तार हो रहा

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:to know about bullet trains which give development and employment in india
रणनीति: मिलिए उस शख्स से जिसने बनाया अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की आर्थिक कमर तोड़ने का प्लानमोदी-शिंजो मीट Day 1: भव्य रोड शो से लेकर शानदार डिनर तक, दिन भर की 10 खास बातें