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कार्रवाई: गांवों में सेवा न देने पर 4,548 चिकित्सकों का पंजीकरण हुआ रद्द

doctor registration has been canceled

महाराष्ट्र सरकार ने तय व्यवस्था के तहत ग्रामीण इलाकों में एक साल तक सेवा नहीं देने वाले 4,500 से अधिक चिकित्सकों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) ने जांच में पाया कि नियम के अनुसार इन चिकित्सकों ने एक साल तक ग्रामीण इलाकों में सेवाएं देने से इनकार किया था।

मुकदमा दर्ज न होने से चिकित्सको में रोष

राज्य सरकार के प्रावधान के अनुसार चिकित्सकों को एक साल के लिए ग्रामीण इलाकों में सेवाएं देना अनिवार्य है। डीएमईआर के अनुसार ये चिकित्सक ग्रामीण इलाकों में सेवा नहीं देने की एवज में जुर्माना देने में भी विफल रहे थे।

डीएमईआर ने कहा कि 4,548 चिकित्सकों पर कार्रवार्ई की गई है। इन लोगों ने 2005 से 2012 के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई की है। इन्होंने ग्रामीण इलाकों में सेवा नहीं दी और जुर्माना भी नहीं दिया। डीएमईआर के एक अधिकारी ने कहा कि अगर चिकित्सक नियम का पालन नहीं करते तो उनको जुर्माना देना होगा।

जुर्माने की राशि एक एमबीबीएस चिकित्सक के लिए 10 लाख रुपये, स्नात्तकोत्तर के लिए 50 लाख रुपये और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सक के लिए दो करोड़ रुपये है।   
 
राज्य चिकित्सा शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हर चिकित्सक को महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद से अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के बिना ये चिकित्सक फर्जी कहे जाएंगे और इन पर कानूनी कार्रवार्ई भी हो सकती है। 

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  • Web Title: registration of 4548 doctors canceled in villages without service
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