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भारत में बनेंगे अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमान

file photo of US fighter aircraft F-16

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले केंद्र के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इसके तहत अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-16 का भारत में ही निर्माण होगा। अमेरिकी एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारत के टाटा अडवांस्ड सिस्टम्स के करार किया है।

डील को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत वहां की कंपनियों को अमेरिका में ही निवेश बढ़ाने पर दबाव डाल रहे हैं। उनका मानना है कि इससे 

अमेरिकियों के लिए जॉब के ज्यादा से ज्यादा नए मौके बन सकें। दूसरी तरफ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने महत्वाकांक्षी अभियान 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेश और उत्पादन पर जोर दे रहे हैं। 

भारत काफी समय से डिफेंस से जुड़े उपकरणों की डील्स के लिए 'मेक इन इंडिया' पर जोर दे रहा था। भारतीय एयर फोर्स अपने लड़ाकू विमानों के बेड़े को जल्द बदलना चाहता है। अभी भारत के पास पुराने हो चुके सोवियत जमाने के लड़ाकू विमान हैं। पीएम मोदी 26 जून को पहली बार वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं।

मोदी सरकार की नीति के अनुसार किसी भी विदेशी कंपनी को भारतीय कंपनी के साथ मिलकर भारत में विमानों का उत्पादन करना होगा, जिससे देश में उत्पादन बढ़ें और आयात पर होने वाले भारी खर्चे को कम किया जा सके। पीएम मोदी की 'मेक इन इंडिया' नीति और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति आपस में भिड़ रहीं थीं। अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत ट्रंप कंपनियों को यूएस में ही निवेश करने का दबाव बना रहे हैं जिससे नई जॉब पैदा हो सकें। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, पेरिस एयरशो में अग्रीमेंट की घोषणा करते हुए लॉकहीड मार्टिन और टाटा ने कहा कि F-16 के भारत में उत्पादन होने से अमेरिका में नौकरियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दोनों कंपनियों ने एक साझा बयान जारी करते हुए कहा, 'F-16 के भारत में उत्पादन होने से भारत और अमेरिका में नई जॉब्स पैदा होंगी।

इसके अलावा स्वीडन की कंपनी साब भी भारतीय एयरफोर्स को ग्रीपन फाइटर प्लेन्स बेचना चाहती है। साब भी भारत में विमानों का उत्पादन करने के लिए राजी है। हालांकि कंपनी ने अभी भारतीय पार्टनर का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। 

पीएम मोदी 26 जून को डॉनल्ड ट्रंप से पहली मुलाकात करने वाले हैं। भारत और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में डिफेंस रिलेशनशिप मजबूत हुई है। रूस और इजरायल के बाद अमेरिका भारत को सबसे ज्यादा आर्म्स सप्लाइ करने वाला तीसरा देश बन गया है। 

साझा बयान के मुताबिक, भारत F-16 लड़ाकू विमानों को दुनिया के अन्य देशों को भी निर्यात कर सकता है। दुनिया के 26 देश 3,200 F-16 लड़ाकू विमानों का प्रयोग करते हैं। भारत को इस सीरीज का ब्लॉक 70 ऑफर किया जा रहा है जो सबसे नया मॉडल है। टाटा पहले से ही C-130 मिलिटरी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के कंपोनेंट बना रहा है। 

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  • Web Title:Lockheed Martin signs pact with Tata to make F 16 planes in India