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दक्षिण कश्मीर का एक्शन प्लान तैयार, पत्थरबाजों से ऐसे निपटेगी सेना

दक्षिण कश्मीर का एक्शन प्लान तैयार, पत्थरबाजों से ऐसे निपटेगी सेना

1/2दक्षिण कश्मीर का एक्शन प्लान तैयार, पत्थरबाजों से ऐसे निपटेगी सेना

दक्षिण कश्मीर में हालात से निपटने के लिए सेना कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। इस हिस्से में सेना की तैनाती बढ़ाकर आतंकियों के सफाए के साथ-साथ हथियारों एवं बैंकों में हो रही लूटपाट जैसी घटनाओं से निपटने की तैयारी कर ली गई है। सेना ने इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। कश्मीर में आतंकवाद की 90-95 फीसदी घटनाएं दक्षिण कश्मीर के तीन जिलों- कुलगाम, पुलवामा और शोपियां में हो रही हैं। 

सेना के सूत्रों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के इन जिलों में 2011-12 के दौरान सेना की भारी तैनाती थी। लेकिन बाद में हालात बेहतर होने पर यहां तैनात फौज के एक बड़े हिस्से को नियंत्रण रेखा और अन्य सीमावर्ती इलाकों की तरफ भेज दिया गया। दक्षिण कश्मीर के उपरोक्त तीन जिलों के अलावा अनंतनाग आदि के भी रिहायशी इलाकों से सेना को हटाया गया। सेना हटने का फायदा हिजबुल मुजाहिदीन को मिला। उसने कश्मीरी नौजवानों की भर्ती शुरू कर दी, जबकि सेना के रहते वह करीब-करीब बंद हो गई थी। 

सेना के रिकॉर्ड के अनुसार 2014 में ही 70 नौजवान इस क्षेत्र से आतंकी बने। सेना की एक अन्य रिपोर्ट कहती है कि 2016 में कश्मीर में कुल 143 आतंकी चिह्नित किए गए जिनमें से 89 कश्मीर थे और बाकी पाकिस्तानी, लेकिन इन 89 आतंकियों में से 60 दक्षिणी कश्मीर के थे। 

सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार दक्षिण कश्मीर में पिछले साल बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद हालात बिगड़े थे। तब सेना की वहां फिर से तैनाती शुरू की गई थी। लेकिन इधर एक साल में वहां लगातार हालात बिगड़ते रहे हैं। इसलिए अब सेना को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। तीनों जिलों में दूरदराज के इलाकों में भी सेना की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। 

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  • Web Title:indian Army prepared Action Plan for South Kashmir
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