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पीएम मोदी-अबे ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को दी चेतावनी, पढ़ें:14 खास बातें

भारत-जापान के बीच समझौते

आतंकवाद को कतई बदार्श्त नहीं करने की पहल की पुरजोर वकालत करते हुए भारत और जापान ने अल कायदा और पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने पर आज सहमति व्यक्त की। 

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1. वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो अबे ने पाकिस्तान से 2008 के मुंबई आतंकी हमले और 2016 के पठानकोट हमले समेत अन्य आतंकी हमलों को अंजाम देने वालों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने को कहा । 

2. दोनों नेताओं ने आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ की बढ़ती बुराई की  कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की। 

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3. संयुक्त बयान के अनुसार,  दोनों नेताओं ने इस विचार को साझा किया कि आतंकवाद सभी स्वरूपों में एक वैश्विक अभिशाप है और
इसे  कतई बदार्श्त नहीं करने की भावना के साथ समन्वित वैश्विक कावार्ई के तहत पुरजोर तरीके से मुकाबला किया जाना चाहिए।   

4. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने सभी देशों से आतंकवाद के पनाहगाहों, इससे जुड़े आधारभूत ढांचे को समाप्त करने और आतंकी नेटवर्क और इसके वित्त पोषण के संपर्कों को जड़ से उखाड़ने का आह्वान किया, साथ ही सीमापार आतंकवाद के प्रवाह पर लगाम लगाने पर भी जोर दिया। इसे परोक्ष रूप से पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जा रहा है। 

5. संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य को देखते हुए मैं इस नये रेलवे दर्शन को नये भारत   के निमार्ण की जीवन रेखा मानता हूं। संपर्क की यह तेज गति भारत की  प्रगति में योगदान देगी।  

6. मोदी ने कहा कि आपसी विश्वास और भरोसा, एक दूसरे की चिंताओं की समझ और उच्च स्तरीय सतत सम्पर्क ये भारत और जापान संबंधों की खासियत है। हमारी विशेष रणनीति और वैश्विक गठजोड़ केवल द्विपक्षीय स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक मुद्दों पर भी हमारी समझ बहुत ही निष्ठ है। 

7. भारत और जापान में आज जिन 15 महत्वपूर्ण समझौतों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए उनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science and technology) के क्षेत्र में संयुक्त आदान प्रदान समझौता भी शामिल है। इसके तहत जापान के संगठन एआईएसटी और भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के बीच संयुक्त शोध का अनुबंद हुआ है। 

8. जैव प्रौद्योगिकी विभाग और राष्ट्रीय उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के बीच सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर किये गए हैं। 

9. दोनों देशों ने अनुसंधान और शोध से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिये भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया हैं। 

10. दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक और खेल क्षेत्र में आदान प्रदान के लिये भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया। इसके तहत एलएनआईपीई और निप्पन खेल विज्ञान विश्वविद्यालय के बीच सहयोग होगा। इस बारे में आशय पत्र भी किया गया। 

11.भारत और जापान ने निवेश प्रोत्साहन का खाका तैयार किया। दोनों देशों ने मेक इन इंडिया  कार्यक्रम के लिये जापान-भारत विशेष कार्यक्रम पर सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर भी हस्ताक्षर किया। दोनों देशों ने नागर विमान क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।

12. भारत और जापान ने आपदा खतरा प्रबंधन के संबंध में भी सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किया। दोनों देशों ने भारत जापान एक्ट ईस्ट फोरम को बढ़ावा देने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने शीत एक्सप्रेस मेल सेवा शुरू करने के लिये भी समझौता किया। 

13. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले समय में भारत में रहने वाले जापानी लोगों की संख्या कई गुणा बढ़ने वाली है। जापान के लोगों को आगमन पर वीजा की सुविधा हमने पहले ही दे रखी है।

14. अब इंडिया पोस्ट और जापान पोस्ट के सहयोग से शीत एक्सप्रेस मेल सेवा शुरू करने जा रहे हैं ताकि भारत में रह रहे जापान के लोग सीधा जापान से अपनी पसंदीदा खाना मंगा सके।    

उन्होंने कहा कि मैं अनुरोध करता हूं कि जापान के लोग भारत में अधिकाधिक जापानी रेस्तरां खोलें। मोदी ने कहा कि जापान का सहयोग यह दशार्ता है कि भारत के आर्थिक विकास और सुनहरे भविष्य को लेकर जापान में कितना विश्वास और आशावादी वातारण है। मुझे विश्वास है कि आज जो समझौते हुए हैं, उससे हर क्षेत्र में सहयोग मजबूत होगा।

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  • Web Title:India-japan Agreement Shinzo Abe visit to India Meet narendra modi
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