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हाइपरलूप ट्रेनः बुलेट ही नहीं हवाई जहाज से भी तेज चलती है यह ट्रेन, रफ्तार जान दंग रह जाएंगे आप

hyperloop train

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 14 सितंबर को मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली पहली बुलेट ट्रेन की नींव रखेंगे। लेकिन उससे पहले देश में चलने जा रही हाइपरलूप ट्रेन के बारे में जान लीजिए, जो स्पीड के मामले में बुलेट ट्रेन से भी तेज होगी। जी हां, हवाई जहाज से भी तेज चलने वाली हाइपरलूप ट्रेन को आंध्र सरकार मंजूरी दे चुकी है। यहां ये ट्रेन करीब 1200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश के दो शहर विजयवाड़ा और अमरावती के बीच 42.8 किमी के रूट पर चलेगी। हाइपरलूप ट्रेन से ये दूरी महज 6 मिनट में ही पूरी हो जाएगी, जबकि अभी सड़क के रास्ते ये दूरी तय करने में करीब एक घंटे का समय लगता है। 

हाईपरलूप ट्रेन की खासियत
हाइपरलूप ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये बुलेट ट्रेन से दोगुनी स्पीड से दौड़ेगी।  
स्पीड के मामले में ये हवाई जहाज से भी तेज होगी। 
इसके अलावा हाइपरलूप ट्रेन के इस्तेमाल में बिजली का खर्चा बहुत कम होगा और वायू प्रदूषण बिल्कुल भी नहीं होगा
हालांकि इस ट्रेन में एक बार में कम लोग ही सफर कर पाएंगे। 
हाइपरलूप ट्रेन से दिल्ली-मुंबई के बीच 1400 किमी का सफर सिर्फ 55 मिनट
बैंगलुरु-तिरुवनंतपुरम के 636 किमी रूट को 40 मिनट 
बैंगलुरु-चेन्नई के 350 किमी रूट को सिर्फ 20 मिनट में पूरा किया जा सकता है। 

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इन क्षेत्रों में होंगे फायदे
देश में परिवहन सुधार के लिए हाइपरलूप ट्रेन कामयाब साबित हो सकती है। 
परिवहन के इस नए साधन से ना सिर्फ यात्रियों, बल्कि बेहद तेज गति से माल ढुलाई करने में भी आसानी होगी। 

कैसै चलेगी हाइपरलूप ट्रेन?
हाइपरलूप चुंबकीय शक्ति (मैग्नेटिक पॉवर) पर आधारित ट्रैक पर चलाई जाएगी। इसको चलाने के लिए खंभों के ऊपर एक पारदर्शी ट्यूब बिछाई जाएगी, जिसके भीतर ट्रेन कैप्सूल शक्ल जैसी एक सिंगल बोगी से गुजरेगी। यहां ये ट्रेन 750 मील यानी कि 1224 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। 

ये कंपनियां कर सकती हैं काम 
दुनिया की सबसे तेज स्पीड वाली ट्रेन बनानेवाली कंपनी 'हाइपरलूप वन' ने हाइपरलूप ट्रेन की इस परियोजना के बारे में दुनियाभर को बताया है। इस कंपनी ने कुछ समय पहले भारत में एक सम्मेलन भी आयोजित किया था। जिसमें कंपनी ने दिखाया कि किस तरह से हाइरपरलूप ट्रेन के माध्यम से दिल्ली-मुंबई तक की दूरी महज 55 मिनट में तय की जा सकती है। 

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इन रूटों पर चलाने का है प्रस्ताव
कंपनी ने सम्मेलन में दिल्ली-मुंबई रूट समेत कुल पांच रूटों पर हाइपरलूप ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दिया था। इन रूटों में बेंगलुरू से चेन्नई, बेंगलुरू से तिरुवनंतपुरम, मुंबई से चेन्नई और बेंगलुरू से चेन्नई शामिल है। 

पायलट प्रोजेक्ट पर चल रहा है काम
हाइपरलूप वन ने दुनिया के कई देशों से हाइपरलूक तकनीक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। कंपनी को जवाब में कुल 90 देशों से 2600 कंपनियों का हाइपरलूप ट्रेन बनाने का प्रस्ताव मिला है। इन प्रस्तावों में भारत की भी कई कंपनियां शामिल हैं। 

कंपनी अभी इसके पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। कंपनी का मानना है कि एक बार पायलट प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद ये तकनीक पूरी दुनिया में फैल जाएगी। इस तकनीक पर भारत समेत अमेरिका-दुबई जैसे कई देशों में काम चल रहा है।

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  • Web Title:hyperloop train coming to india in andhra pradesh know about it before bullet train
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