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OMG! बहुत हटके है नन्हे जयस की ये पसंद

दिल्ली का जयस स्वभाव से काफी चुलबुला है। सिंगिंग रियलिटी शो सारेगामापा लिटिल चैंप्स के सेट पर तीनों जजों का दुलारा भी है। जज हिमेश रेशमिया ने तो उसे ‘छोटे भगवान’ नाम दिया है। वैसे जयस का घर का नाम शानू है। उसकी मम्मी उसे प्यार से कृष्णा, चुट्टी, लाडो और प्यारी-प्यारी बुलाती हैं। मम्मी चाहे अपने इकलौते लाडले को कितना भी लाड कर ले, पर वह तो अपने पापा का फैन है। पापा के गाने के शौक ने ही तो जयस को सबका चहेता बनाया है। वही उसे गाने सिखाते हैं और उसे गाने याद कराते हैं। कई बार तो वह उसे फोन पर ही गाने याद करवा देते हैं। वैसे उसके पापा सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, पर उन्हें गाने का भी शौक है।

जयस अपनी उम्र के बच्चों से खेल-खिलौनों के मामले में एकदम अलग है।  जब किसी दोस्त के घर जाता है, वह किसी के खिलौने को नहीं छेड़ता, कोई शैतानी नहीं करता। बस, उसे हर किसी के घर जाकर उनका पूजा का स्थान जरूर देखना होता है। वहां माथा टेककर वहां से पूजा की किताब उठाकर अपने घर ले आता है, बाद में उसकी मम्मी सबकी पूजा की किताबें वापस करती हैं। कभी-कभी स्कूल में क्लास छोड़कर दोस्तों के साथ खेलने लग जाता है। घर में उसे वीडियो गेम खेलना बहुत पसंद है।

जयस जज नेहा कक्कड़ का भी दुलारा है। जब वह उसे ‘ओ मेरा बाबू... बोलती हैं’, तो जयस को बहुत अच्छा लगता है। वह कहता है, ‘नेहा मैडम बहुत प्रिटी हैं। जब वह मुझे चॉकलेट और मिठ्ठी (किस्सी) देती हैं तो बहुत मजा आता है। नेहा मैडम मुझे बहुत अच्छी लगती हैं।’ जयस गाने का कितना शौकीन है, यह उससे की गई थोड़ी सी बातचीत से ही पता चल गया। पूछे गए हर सवाल का जवाब वह गाते हुए ही देता है। हर सवाल पर शानू जी का गाना तैयार मिलता है। जवाब से मिलता-जुलता गाना, वह भी सिर्फ छह साल के छोटे से बच्चे से सुनना किसी को भी हैरानी में डाल सकता है। जयस जब डेढ़ साल का था तो ठीक से बोल नहीं पाता था, पर तब भी उसे गाने का शौक था। उसका जब ‘सा रे गा मा पा लि’ल चैंप्स’ के लिए सलेक्शन हुआ था, तब वह सिर्फ पांच साल का था। उस वक्त उसने पुरानी-नई फिल्मों के गाने तो पूरे-पूरे सुनाए ही, साथ ही सुनाया था हनुमान चालीसा। हनुमान चालीसा उसने यू-ट्यूब से सीखा है। शो के दौरान तुमने उससे गणेश मंत्र भी सुने होंगे। इतने छोटे बच्चे की याददाश्त और गानों की सही धुन सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है। जब सब जयस की तारीफ में तालियां बजाने लगते हैं तो वह कहता है, ‘सबका कल्याण हो!’
जयस कुमार ‘एमिटी ग्लोबल स्कूल, नोएडा’ में पहली क्लास में पढ़ता है। दूसरे बच्चों से अलग उसे कार्टून फिल्म देखना अच्छा नहीं लगता, न ही वह किसी खास कार्टून कैरेक्टर का फैन है। उसके शौक के बारे में जानकर तुम हैरान हो जाओगे। जब वह बहुत छोटा था, बिल्कुल नन्हा सा था, तब भी उसे खिलौनों से खेलने से ज्यादा उनसे सुंदर धुन निकालना पसंद था। बचपन में उसने कभी बांसुरी या गिटार लेने की जिद नहीं की। मगर गाने सुनना उसे छुटपन से ही पसंद था। उन्हीं गानों की धुनें वह अपने खिलौनों को एक खास अंदाज में बजाकर निकाल लेता था। कोई डिब्बा भी उसे मिल जाए तो उसे भी सुंदर धुन में बजाने लगता है। डिब्बे को वह खट-खट करके नहीं बजाता, बल्कि रिद्म में बजाता है। किसी के भी जन्मदिन पर वह ‘हैप्पी बर्थडे’ नहीं बोलता, बल्कि गाना सुनाता है, ‘बार-बार दिन ये आए, बार-बार दिल ये गाए, तुम जिओ हजारों साल, ये मेरी है आरजू’।
जयस को पूरी खाना बहुत पसंद है। वह अपने घर में पूरी बहुत खुश होकर खाता है। वैसे उसे भिंडी, मटर-पनीर, राजमा और चावल खाना अच्छा लगता है। मिठाई में गुलाब जामुन बहुत खुश होकर खाता है।
उसे फिल्म सुल्तान बहुत पसंद आई थी। तब से वह सलमान खान का फैन हो गया है। मगर सलमान खान को सुल्तान ही बुलाता है। इस फिल्म के डायलॉग भी उसने याद किए हुए हैं।

 

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  • Web Title:Singing Star Jayas don't like watching cartoons
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