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इनकी वजह से घर-घर पहुंचे थे गाने

कल 20 मई है। इस दिन उस व्यक्ति ने 1851 को जर्मनी ने जन्म लिया था, जिसके कारण आज हम सब मोबाइल पर इतनी आसानी से सैकड़ों गाने सुन पाते हैं। ये थे, एमिले बर्लाइनर।
सबसे पहले गाने को रिकॉर्ड कर हमें सुनाने का प्रयास किया था थॉमस एडिसन ने। उन्होंने जो मशीन बनाई थी, उसपर  केवल एक बार ही रिकॉर्ड की गई आवाज सुनी जा सकती थी।
पर 20 मई 1851 को जन्मे  एमिले बर्लाइनर ने संगीत सुनने का तरीका ही बदल दिया। उन्होंने 8 नवंबर 1887 को एक मशीन का पेटेंट कराया। इस मशीन पर एक ही आवाज को बार-बार सुना जा सकता था। वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने फ्लैट डिस्क पर गानों को रिकॉर्ड करना शुरू किया। पहले ये डिस्क शीशे से बने, फिर जिंक और बाद में प्लास्टिक से बनने लगे। इस डिस्क और इसे चलाने वाले मशीन को ग्रामोफोन रिकॉर्ड नाम से जाना गया। यही डिस्क आगे चलकर एलपी (लॉन्ग प्लेइंग) रिकॉर्ड के नाम से जाना गया। उन्होंने इसी नाम से ‘द ग्रामोफान कंपनी’ बनाकर गानों को रिकॉर्ड करने का सिलसिला शुरू किया। टेप रिकॉर्डर और कैसेट्स के आने से पहले रेडियो के अलावा  ग्रामोफोन पर ही लोग गाने सनु पाते थे।
 

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  • Web Title:emile berliner invented the flat disc phonograph record
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