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झारखंड से जुड़े हैं चार आतंकियों के नाम, दो अभी हैं फरार

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अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) अपना झारखंड मोड्यूल तैयार कर रहा था। इसके लिए अब्दुल रहमान कटकी को प्रमुख बनाया। कटकी ने न सिर्फ जमशेदपुर बल्कि लोहरदगा, रांची, चतरा का भी दौरा किया था और लोगों को जेहाद के प्रति प्रेरित करने की कोशिश की थी। एक्यूआईएस की जो 17 सदस्यीय कोर टीम बनी थी, उसमें जमशेदपुर के तीन सहित झारखंड के चार युवक शामिल थे। इनमें दो की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य फरार हैं।

वीजा उल्लंघन में निकाला गया जीशान
दो दिन पहले वीजा उल्लंघन के बाद सऊदी अरब से निकाले गए गिरफ्तार जीशान एक्यूआईएस में से एक है। एक साल पहले जमशेदपुर के मो. सामी को दिल्ली की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार किया था। फरार चल रहे दो लोगों में एक अर्शियान है जो जीशान का भाई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस मानती है कि वह सीरिया में आईएसआईएस की गतिविधियों में संलग्न है। वह जमशेदपुर से पिछले छह वर्षों से लापता है।

ऐसे जानें- कौन क्या है
- झारखंड निवासी : जीशान अली, सैयद मो. अर्शियान, मो. सामी (तीनों जमशेदपुर निवासी), अबु सुफियान (चतरा का)
- झारखंड से संपर्क : डॉ. सबील अहमद (जमशेदपुर निवासी संदिग्ध जीशान का साला)
- अब्दुल रहमान कटकी (एक्यूआईएस रिक्रूटमेंट सेल पूर्वी भारत प्रमुख)

फरार घोषित है सुफियान
झारखंड का एक अन्य नाम है अबु सुफियान। वह चतरा का रहने वाला है और फरार घोषित है। सुफियान के अलकायदा के प्रशिक्षण शिविर में जाने के बाद पता नहीं चला। इसके अलावा डॉ. सबील और अब्दुल रहमान कटकी का जमशेदपुर से सीधा जुड़ाव रहा है। यानी एसक्यूआईएस की कोर टीम में छह ऐसे हैं, जिनका सीधा संपर्क झारखंड और जमशेदपुर से है।

इनके भी हैं नाम
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मो. आसिफ, जफर मसूद, मो. अब्दुल रहमान कटकी, सैयद अंजार शाह और अब्दुल सामी की गिरफ्तारी के बाद 10 जून 2016 को जो आरोप पत्र दाखिल किया था, उसमें जीशान अली के अलावा अर्शियान, अबु सुफियान, सबील अहमद, सैयद अख्तर, सनाउल हक, मो. रेहान, उस्मान, शाहिद फैसल, फरहतुल्लाह गौरी, मो. सर्जील अख्तर और मो. उमर का भी नाम था।

आतंकी संगठनों से संपर्क
इनपर आरोप है कि इनके पाकिस्तान, ईरान और टर्की से चलनेवाले आतंकवादी संगठनों के प्रमुख लोगों से इनके संपर्क हैं। ये लोग सोशल मीडिया, मोबाइल फोन के माध्यम से उनसे संपर्क में थे। इन्हें विदेशों से वित्तीय मदद मिलती थी, जिसके माध्यम से ये लोग युवाओं को जेहाद के लिए प्रेरित करते थे और उन्हें एक्यूआईएस से जोड़ते थे।

कटकी का भी केंद्र जमशेदपुर
एक्यूआईएस के रिक्रूटमेंट सेल के अब्दुल रहमान कटकी का भी केंद्र जमशेदपुर रहा है। उसके ही संपर्क में सामी और दूसरे युवक थे। सामी भी कटकी से संबंध के बाद अलकायदा के संपर्क में आया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अबतक ऐसे तीन व्यक्तियों की पहचान की गई है, जिसे अब्दुल रहमान ने एक्यूआईएस में शामिल किया था और प्रशिक्षण के लिए भेजा था। इसमें सामी तो गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन अबू सूफियान और उमर हैदराबादी के बारे में माना जाता है कि वे अब भी पाकिस्तान में हैं। सामी जनवरी 2014 में दुबई गया था और वह वहां एक महीने रहा जिसके बाद कराची चला गया। वहां से वह पाकिस्तान के खबर पख्तूनख्वां प्रांत के मानसेहरा चला गया। वहां उसने ए के 47 और छोटे मशीन गन चलाने का प्रशिक्षण हासिल किया। सामी को पाकिस्तान से युसूफ नामक हैंडलर निर्देश दे रहा था।

झारखंड की योजना
झारखंड में एक्यूआईएस मोड्यूल के बारे मे जांच एजेंसियां बताती है कि यहां रिक्रूटमेंट सेल स्थापित किया गया था। इसका काम जेहादी बातों को बताकर युवाओं को संगठन से जोड़ना था। इसके लिए अब्दुल रहमान कटकी जो ओडिशा के कटक स्थित जगदलपुर मे मदरसा चलाता था। उस मदरसे में युवाओं को लेकर जेहादी बातें बताकर उन्हें प्रेरित करता था।

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  • Web Title:4 name of Al-Qaeda Indian subcontinent terrorists are join from jharkhand
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