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बिना तैयारी के ऑटो की धड़पकड़ ने बढ़ाई यात्रियों की मुसीबत

पुख्ता तैयारी किए बिना रांची नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी में बगैर परमिट ऑटो चलाने पर रोक लगा दी है। रांची में रोजाना दो लाख से अधिक लोगों के द्वारा ऑटो से सफर करने की थोड़ी भी चिंता नहीं की। रोजाना 50 से अवैध ऑटो को पुलिस पकड़ रही है। इस कारण राजधानी की सड़कों पर जहां आम दिनों में करीब 21 हजार ऑटो चला करते हैं अब उनकी संख्या घटकर तीन हजार हो गई है। ऐसे में यात्रियों की ऑटो के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है और सभी को अपने काम में देरी हो रही है। यात्रियों कोऑटो नहीं मिल रहा है। अगर ऑटो मिल भी जा रहा है तो उसमें बैठने की जगह नहीं मिल रही है। लोग मजबूरी में ऑटो के पीछे खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर दिख रहे हैं। झारखंड प्रदेश डीजल ऑटो चालक महासंघ इस फैसले का विरोध कर रहा है। एक दो दिनों में संघ राजधानी में ऑटो चालकों के बंद का आहवान कर सकता है।
बिना तैयारी के ऑटो की धरपकड़ शुरू कर दी
नगर निगम और ट्राफिक पुलिस ने बिना किसी तैयारी के अवैध ऑटो की धड़पकड़ शुरू कर दी। एक बार भी नहीं सोचा कि एक बार में हजारों की संख्या में अवैध ऑटो के परिचालन पर रोक लग जाएगी तो यात्रियों की सुविधा का क्या होगा। राजधानी में रोजाना लगभग दो लाख लोग प्रतिदिन ऑटो, सिटी बस, ई-रिक्शा में सफर करते हैं। इनमें बिना परमिट वाले ऑटो की संख्या 18 हजार से अधिक है। केवल 2335 ऑटो चालकों के पास ही राजधानी में ऑटो चलाने का परमिट है। ऐसे में यात्री की संख्या तो जस की तस रह गई, लेकिन ऑटो की संख्या 21 हजार से घटकर तीन हजार पहुंच गई है। इस कारण उन यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है जिनके पास निजी वाहन नहीं है। नगर निगम और ट्राफिक पुलिस को चाहिए था कि बिना परमिट वाले ऑटो पर रोक लगाने से पहले उचित संख्या में ऑटो का इंतजाम अपने स्तर पर कर लिया जाए।
महिलाओं को परेशानी
इस निर्णय का सबसे ज्यादा खामियाजा महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। एक तो उन्हें ऑटो के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, अगर ऑटो मिल भी जा रहा है तो उन्हें बैठने के लिए सही से जगह नहीं मिल रही है। पहले भी पीछे की तीन सीटों में चार से पांच यात्रियों को बैठाया जाता था अब आगे पीछे कर उसमें और एक यात्री को एडजस्ट किया जा रहा है। महिलाओं के साथ स्कूल कॉलेज जाने वाली छात्राओं को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चौक-चौराहों पर भीड़ गिने चुने ऑटो चलने के कारण शहर के चौक चौराहों पर यात्रियों की खासी भीड़ देखने को मिल रही है। इनमें बिरसा चौक, एजी मोड, सुजाता चौक, कांटाटोली चौक, वीमेंस कॉलेज, लालपुर, कोकर चौक, कचहरी, रातू रोड, किशोरी यादव चौक, हरमू चौक, अरगोड़ा चौक मुख्यरूप से शामिल हैं।

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  • Web Title:without any preparation Municipal corporation imposed band on Auto
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