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पलामू टाइगर रिजर्व में छह बाघ होने की पुष्टि

पलामू टाइगर रिजर्व में छह बाघ होने की पुष्टि

पलामू बाघ अभयारण्य में सिर्फ दो नहीं छह बाघ हैं। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून ने डीएनए जांच के बाद पलामू वन्यजीव क्षेत्र में छह अलग-अलग बाघों के होने की पुष्टि की है। वन विभाग के पास अद्यतन रिपोर्ट आ गई है। वन विभाग ने वर्ष 2014 से 2017 प्रारंभ के दौरान पलामू बाघ अभयारण्य से बाघों के 50 स्केट (मल) वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून को डीएनए जांच के लिए भेजे थे। इनमें से कुछ मल तेंदुए के निकले। कुछ खराब भी हो गए थे। बड़ी बात यह है कि डीएनए जांच में छह बाघों के मल होने की पुष्टि हुई है। डीएनए जांच बाघ की अद्वितीय पहचान के लिए कराई जाती है। ताकि एक ही बाघ के अलग-अलग जगह से लिए गए स्केट की वजह से बाघों की गलत गणना न हो जाए।
बेतला राष्ट्रीय उद्यान से और स्केट की होगी डीएनए जांच
चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन एलआर सिंह के मुताबिक कई वर्षों से बाघों की घटती संख्या से चिंतित वन विभाग छह बाघों की पुष्टि से उत्साहित है। अब पूरे बेतला राष्ट्रीय उद्यान से बाघों के स्केट लेकर जांच कराई जाएगी। इससे बाघों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
एक बाघ से 40 किमी का जंगल गुलजार रहता है
बाघ जंगल के उस हिस्से में रहते हैं, जहां उन्हें भोजन मिलता है। हिरण, बारहसिंगा, नीलगाय, सांभर आदि जानवर जहां होंगे वहां प्राकृतिक संतुलन भी कायम होगा। ये जीव हरियाली और पानी की उपलब्धता वाले क्षेत्र में रहते हैं। इसी कारणवश वाघ भी शिकार के लिए इन्हीं क्षेत्र में रहते हैं। कई वर्षों से बाघों की घटती संख्या से चिंतित वन विभाग छह बाघों की पुष्टि से उत्साहित है।

अब पूरे बेतला उद्यान से बाघों के स्केट लेकर जांच कराई जाएगी। बाघों की संख्या और बढ़ सकती है।
एलआर सिंह, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन

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  • Web Title:Six Tigers confirmed in Palamu Tiger Reserve
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