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जेल में 1778 बंदी, 50 बेड का अस्पताल और डॉक्टर सिर्फ एक

जेल में 1778 बंदी, 50 बेड का अस्पताल और डॉक्टर सिर्फ एक

घाघीडीह केन्द्रीय जेल में फिलहाल 1,778 बंदी हैं। 50 बेड का अस्पताल बना है। मगर स्थायी डॉक्टर सिर्फ एक है। यह मानवाधिकार के मानकों के हिसाब से ठीक नहीं है। कम से कम तीन डॉक्टर तो होने ही चाहिए। मानवाधिकार आयोग के विशेष दूत डॉ. विनोद अग्रवाल इस गंभीर मसले की ओर जिला प्रशासन का ध्यान खींच गए हैं। उपायुक्त अमित कुमार ने इस बात को नोट कर लिया है। जल्द डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। डॉ. विनोद अग्रवाल अपने दोदिनी दौरे के क्रम में बुधवार को घाघीडीह सेन्ट्रल जेल भी पहुंचे। उन्होंने वहां की व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) और पूर्व प्रभारी जेल अधीक्षक सुबोध कुमार भी थे। जेल भवन करीब दस साल पहले बना था। तब से एक बार भी रंग-रोगन नहीं हुआ है। इसलिए उसकी बदरंग हो चुकी दीवारों पर रंग चढ़ाने की जरूरत है। डॉ. अग्रवाल ने इस ओर भी प्रशासन को ध्यान खींचा है। उनके दौरे के संबंध में उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि असल में वे समाज कल्याण, समाजिक सुरक्षा, खाद्य आपूर्ति, जेल, वृद्धाश्रम आदि की स्थिति जानने के लिए जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी ली और रिपोर्ट हासिल की। डॉ. अग्रवाल ने इससे पूर्व जिन जिलों का दौरा किया है उसकी तुलना में पूर्वी सिंहभूम में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति बेहतर पाई। उपायुक्त ने बताया कि उन्होंने जो महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, उसे लागू करने का प्रयास होगा।

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  • Web Title:Remarks about accountability in the subdivision level meeting
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