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धनबाद स्टेशन पर शंटिंग ट्रेन में युवती के साथ गैंगरेप

ट्रेनों के बंद कोच में युवती के साथ गैंग रेप

धनबाद स्टेशन पर भिक्षाटन कर जीवन यापन करने वाली के युवती के साथ शंटिंग ट्रेन में युवकों ने गैंगरेप किया। जोर-जबर्दस्ती के कारण वह बेहोश हो गई थी। पुलिस ने उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया है।

गरीब लाचार इस युवती को ट्रेनों के बंद कोच में खींच कर कई बार दुष्कर्म किया गया है। युवती के अनुसार अलग-अलग युवक डरा-धमका कर उसके साथ जोर-जबर्दस्ती करते थे। पीएमसीएच में प्रारंभिक जांच में युवती गर्भवती पायी गयी है। पीएमसीएच में युवती ने बताया कि सोमवार को भी उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसके पेट में तेज दर्द और रक्तस्राव होने लगा। वह स्टेशन से बाहर निकलकर लोगों से अस्पताल पहुंचाने के लिए गुहार लगाने लगी।

स्टेशन के बाहर सड़क पर युवती को बदहाल देख धनबाद सदर थाने की पुलिस ने उसे महिला थाना पहुंचाया, जहां से उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचने के पहले ही वह बेहोश हो गयी थी। मंगलवार को उसे होश आया और उसने सारी घटना पुलिस को बतायी। युवती की सुरक्षा में दो महिला जवानों को तैनान किया गया है।

यार्ड जाने वाली ट्रेनों में होता था दुष्कर्म

युवती के अनुसार कुछ माह पहले एक युवक ने यार्ड जाने वाली खाली ट्रेन में चढ़ा कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसके बाद अक्सर कुछ युवक आते और खाली ट्रेन में चढ़ा कर उसके साथ जबरदस्ती करते। धनबाद स्टेशन से ट्रेन यार्ड में जाती थी। वहां ट्रेनों की सफाई होती है। युवक दुष्कर्म के बाद यार्ड में ही उतर जाते थे। युवती भी वहीं उतरती थी और वापस स्टेशन लौटती थी। ऐसा लगातार होता रहा। युवती के अनुसार वह कई बार बेहोश भी हो चुकी थी। युवकों की धमकियों के डर से वह किसी को कुछ नहीं बता पाती थी।

चाचा से तंग आकर घर से भागी थी

युवती अपने को गढ़वा जिले की बता रही है। गांव का नाम भी बताती है। कहा कि उसकी मां नहीं है। पिता की भी हत्या कर दी गयी थी। जमीन के लिए उसका चाचा उसे काफी मारता-पीटता था। चाचा ने उसके पैर जला दिए थे। कई बार गला दबा कर उसकी हत्या का भी प्रयास किया गया। जान बचाने के लिए वह घर से भाग गयी थी। पहले डालटेनगंज स्टेशन पर भीख मांगकर गुजारा करती थी। उसके बाद धनबाद चली आयी।

रेलकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध

इस पूरे मामले में रेलकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध दिख रही है। यार्ड में जाने के पहले ट्रेनों के एक-एक कोच की जांच होती है। खिड़की-दरवाजे अंदर से लॉक किए जाते हैं। तब ट्रेन को यार्ड के लिए रवाना किया जाता है। बिना रेल कर्मियों की मदद से कोई ट्रेन के अंदर नहीं रह सकता। वह भी युवती के साथ।

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  • Web Title:Gangrape in shunting train
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