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कुलभूषण जाधव मामला: भारत ने आईसीजे को सौंपी लिखित दलील

Jadhav

भारत ने कुलभूषण जाधव मामले में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के समक्ष अपनी लिखित दलीलें पेश कीं। आईसीजे भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण के मामले की सुनवाई कर रहा है। कुलभूषण फिलहाल पाकिस्तान की कैद में हैं। पाकिस्तानी सैन्य अदालत उन्हें कथित जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मौत की सजा सुना चुकी है। 
 
आईसीजे ने कुलभूषण को सुनाई गई मौत की सजा को निलंबित कर दिया है। भारत ने मई में आईसीजे से अनुरोध किया था कि वह कुलभूषण की पाक अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को तत्काल निलंबित करे। इसके बाद आईसीजे ने इस मामले में अंतिम निर्णय लंबित रखा था। 

भारत ने बुधवार को कुलभूषण मामले में आईसीजे के समक्ष अपनी लिखित दलीलें पेश कीं। इनमें भारत ने कहा कि इस मामले में राजनियक संबंधों पर वियना सम्मेलन 1963 का पाकिस्तान द्वारा गंभीर उल्लंघन किया गया। पाकिस्तान ने बार बार अनुरोध के बावजूद कुलभूषण तक राजनयिक पहुंच की इजाजत नहीं दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के अनुसार, यह 8 मई 2017 को आईसीजे के समक्ष दायर किए गए हमारे आवेदन की अग्रणी कड़ी है। 
पाकिस्तान दावा करता रहा है कि उसने कुलभूषण को अशांत बलूचिस्तान से बीते साल मार्च में पकड़ा था। लेकिन भारत का कहना है कि कुलभूषण को ईरान से अगवा किया गया, जहां वह नौसेना से रिटायर होने के बाद अपने वैध व्यापारिक हितों के लिए गए थे। 

भारत 8 मई को आईसीजे पहुंचा था। वह कुलभूषण मामले में वियना सम्मेलन के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के लिए वहां गया था। उसने कुलभूषण को पाकिस्तान द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को तत्काल निलंबित करने की मांग की थी। आईसीजे के अध्यक्ष रोनी अब्राहम ने भारत और पाकिस्तान दोनों से विचार विमर्श करने के बाद भारत को 13 सितंबर तक दलीलें पेश करने को कहा था। उन्होंने इस्लामाबाद को भी कहा था कि वह संयुक्त राष्ट्र अदालत के इस मामले की सुनवाई करने से पहले, 13 दिसंबर तक अपना पक्ष प्रस्तुत करे।  

आईसीजे ने कहा, अध्यक्ष द्वारा दोनों पक्षों के एजेंटों के साथ 8 जून 2017 को बैठक करने के बाद भारत के एजेंट ने अनुरोध किया कि प्रत्येक पक्ष को दलीलें तैयार करने के लिए चार माह का समय दिया जाए। हालांकि पाकिस्तान के एजेंट ने संकेत दिया कि दो माह की अवधि ही इसके लिए पर्याप्त होगी। आईसीजे ने आगे कहा, दोनों पक्षों का नजरिया जानने के बाद अदालत ने लिखित दलीलें पेश करने के लिए भारत को 13 सितंबर का, जबकि पाकिस्तान को 13 दिसंबर तक की अवधि दी।   

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  • Web Title:India submits written pleadings in Kulbhushan Jadhav's case
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