गुरुवार, 02 अप्रैल, 2015 | 12:02 | IST
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‘पाकिस्तान में 30 फीसदी है बगावत के आसार’
puneet bhardwaj First Published:00-00-00 12:00 AM
अमेरिका के एक प्रमुख शोध संगठन का कहना है कि पाकिस्तान में बगावत के आसार 30 फीसदी हैं। न्यूयार्क के संगठन ‘यूरोएशिया ग्रुप’ का कहना है कि इस बात की संभावना है कि पाकिस्तानी सेना देश में तख्तापलट कर सकती है। इस संगठन के प्रमुख डेविड एफ. गोर्डन हैं जो अमेरिकी विदेश विभाग में काम कर चुके हैं और व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व अधिकारी रहे हैं। डेविड अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए में भी काम कर चुके हैं। पाकिस्तान में तख्ता पलट की बात स्वात घाटी में तालिबान के बढ़ते हस्तक्षेप के मद्देनजर कही गई है। ‘कांग्रेसनल क्वार्टली’ के रक्षा मामलों के संपादक जफ स्टीन ने अपने स्तंभ ‘स्पाई टॉक’ में इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सेना द्वारा तख्ता पलट की आशंका से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘नए सेना प्रमुख जनरल अशफाक कियानी ने भले ही कहा है कि सेना को राजनीति से दूर रहना चाहिए लेकिन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी(पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के बीच राजनीतिक खींचतान सेना में राजनीतिज्ञों को बढ़ावा दे सकती है और उनमें हस्तक्षेप की इच्छा जगा सकती है।’’ रिपोर्ट के अनुसार कियानी देश पूर्णरूप से सैन्य शासन लागू नहीं करेंगे बल्कि बांग्लादेश जसा तरीका अपनाएंगे। सेना राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उनके प्रशासन को बेदखल कर एक कार्यकारी सरकार की स्थापना कर सकती है, जो देश को राजनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर मजबूत करने की कोशिश करे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना द्वारा तख्तापलट किए जाने पर पश्चिमी देशों से शिक्षा ग्रहण करने वाले लोगों को प्रशासनिक स्तर पर नियुक्त किया जाएगा, जो कियानी से लगातार संपर्क में बने रहेंगे। ये अधिकारी ही सभी महत्वपूर्ण सामरिक निर्णय लेंगे। इन अधिकारियों का किसी प्रकार का किसी से भी राजनीतिक संबंध नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में सेना द्वारा तख्तापलट आम बात है। इससे पहले वर्ष 1में परवेज मुशर्रफ ने यह काम किया था और उनसे भी पहले जनरल जिया उल हक ने भी इसी तरह 1से 1तक देश की कमान संभाली।ड्ढr
 
 
 
 
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