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सीबीएसई के सभी स्कूल स्टाफ का होगा साइकोमेट्रिक टेस्ट, जानें क्या है साइकोमेट्रिक टेस्ट

CBSE

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशन स्कूल में सात वर्षीय छात्र की मौत के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सभी संबंधित स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। सीबीएसई ने 'सेफ्टी ऑफ चिल्ड्रेन' पर एक सरकुलर जारी किया है। सरकुलर में कहा गया है कि सीबीएसई के सभी स्कूलों के स्टाफ का साइकोमेट्रिक टेस्ट किया जाएगा। स्कूल के स्टाफ में टीचर, नॉन टीचिंग स्टाफ जैसे स्वीपर, बस ड्राइवर और कंडक्टर शामिल हैं।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के एक सवाल के जवाब में कहा कि बोर्ड ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक सरकुलर जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि सीबीएस के सभी स्कूलों को दो महीने में साइकोमेट्रिक टेस्ट कराना होगा।  जिसमें सभी टीचिंग स्टाफ से लेकर नॉन टीचिंग कर्मचारी भी शामिल हैं।

इसके साथ ही सीबीएसई ने सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए भी कहा है। इस निर्देश से संबंधित पूरी रिपोर्ट स्कूल ऑनलाइन सब्मिट करेंगे। जो स्कूल इन दिशा निर्देशों को नहीं मानेंगे उनकी मान्यता को रद्द किया जाएगा। 

क्या है साइकोमेट्रिक टेस्ट
साइकोमेट्रिक टेस्ट में उम्मीदवार की परीक्षा तीन स्तर पर होती है। पहला, एबिलिटी टेस्टिंग, एप्टीट्यूड टेस्टिंग और पर्सनैलिटी असेस्मेंट। एक तरह से इस टेस्ट के जरिए कंपनियां और संगठन संभावित कर्मचारी की काम और संस्थान के संबंध में व्यवहार अनुकूलता को परखते हैं। इसमें एक कर्मचारी की सोचने-समझने की क्षमता, टीम के रूप में काम करने की योग्यता और उम्मीदवार की निजी वरीयता का आकलन करते हैं। एबिलिटी टेस्ट में एक तरह से सामान्य क्षमता की जांच होती है, जिसमें संख्यात्मक, मौखिक, गैर-मौखिक और स्थान संबंधी जानकारी का आकलन किया जाता है।

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  • Web Title:CBSE orders all school staff to have psychometric test
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