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राहत: ब्याज दरों में और कमी की गुंजाइश, सरकार ने पेश की आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट

Economic Review Report

रिजर्व बैंक आने वाले दिनों में ब्याज दरों और कमी कर सकता है। महंगाई के नरम पड़ने से उसके लिए कटौती आसान हो सकती है। सरकार ने शुक्रवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में यह बात कही है। रिजर्व बैंक ने इस महीने की 2 तारीख को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर (रेपो) में 0.25 फीसदी की कटौती की थी। इसके पहले सरकार ने आर्थिक समीक्षा के तहत गुरुवार को मध्यावधि व्यय ढांचा विवरण पेश किया था जिसमें अगले साल मार्च तक रसोई गैस पर सब्सिडी खत्म करने की बात कही गई है। 

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम की देखरेख में तैयार आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि महंगाई के रिजर्व बैंक के चालू वित्त वर्ष के चार प्रतिशत के लक्ष्य से कम रहने की उम्मीद है। इससे आगे चलकर ऋण सस्ता होने की काफी गुंजाइश है। इसमें कहा गया है कि अर्थव्यवस्था ने अभी पूरी तरह गति नहीं पकड़ी है। यह अपनी क्षमता से अब भी कम है। इसमें कमजोर आर्थिक वृद्धि की वजह से रिजर्व बैंक की ओर से मौद्रिक नीति नरम करने की संभावना पर जोर दिया गया है।

यह पहला अवसर है जब सरकार ने किसी वित्तीय वर्ष के लिए आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट दो बार प्रस्तुत की है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए पहला आर्थिक सर्वेक्षण 31 जनवरी 2017 को लोकसभा में रखा था क्योंकि इस बार आम बजट फरवरी के शुरू में ही पेश किया गया। शुक्रवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण में फरवरी के बाद अर्थव्यवस्था के सामने उत्पन्न नई परिस्थितियों को रेखांकित किया गया है। इसमें कहा गया है कि सकल रेलू उत्पाद (जीडीपी), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी), ऋण प्रवाह, निवेश और उत्पादन क्षमता के दोहन जैसे अनेक संकेतकों से पता लगता है कि वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही से वास्तविक आथर्कि वृद्धि में नरमी आई है और तीसरी तिमाही से यह नरमी अधिक तेज हुई है।

वृद्धि दर घटने की आशंका
आर्थिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद दर (जीडीपी) घटने की आशंका जताई गई है। इसके 6.75 फीसदी से 7.5 फीसदी रहने का अनुमान। इसमें कहा गया है कि इसके 7.5 फीसदी के उच्चतर लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल है।

ऋण माफी का असर
सर्वेक्षण में कहा गया है कि वृद्धि दर में कमी कृषि ऋण माफी, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने से संबंधित शुरुआती चुनौती और रुपये की विनिमय दर में तेजी के कारण होगी। राज्यों द्वारा कृषि ऋण माफी 2.7 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू सकती है। 
      
महिलाओं की भागीदारी बढ़े
कृषि, उद्योग, आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढाने,अस्पतालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई  करने, एविएशन हब बनाने जैसे कई सुझाव भी आर्थिक सवेर्क्षण में दिए गए हैं। 

आंकड़ों में सर्वेक्षण
0.25 फीसदी की कटौती रेपो देर में 2 अगस्त को की थी रिजर्व बैंक ने
4 फीसदी से नीचे महंगाई दर के रहने की उम्मीद 
7.5 फीसदी से नीचे रह सकती है आर्थिक विकास दर
47.9 करोड़ खाते खोले हैं बैंकों ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 

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  • Web Title: Economic Survey hints interest rate reduction
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