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तोहफा:ग्रेच्युटी की सीमा हुई दोगुनी, निजी और PSU कर्मियों को होगा फायदा

ग्रेच्युटी 20 लाख तक टैक्सफ्री

केंद्र सरकार ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह अब निजी और पीएसयू के कर्मचारियों के लिए भी 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी राशि करमुक्त होगी। अभी तक यह सीमा 10 लाख रुपये थी। इसके लिए सरकार जल्द संसद में विधेयक पेश करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रेच्युटी भुगतान कानून के तहत करमुक्त ग्रेच्युटी सीमा दोगुनी यानि 20 लाख रुपये करने को मंजूरी दे दी। सरकार के इस फैसले से निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाले करीब पांच करोड़ लोगों को फायदा होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के गठित सातवें वेतन आयोग ने ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की सिफारिश की थी। इसके आधार पर केंद्र और कई राज्य सरकार कर्मचारियों के लिए इसे लागू कर चुकी है। संसद में विधेयक पारित होने के बाद निजी व पीएसयू के कर्मचारी भी 20 लाख रुपये तक की टैक्सफ्री ग्रेच्युटी के हकदार हो जाएंगे।

तोहफा: सरकार ने केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता बढ़ाकर किया 5 फीसदी

सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ग्रेच्युटी भुगतान कानून (1972) उन संस्थानों पर लागू होता है, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं। सरकार निजी क्षेत्र और पीएसयू के कर्मचारियों को लाभ देने के लिए जल्द कानून में संशोधन पेश करेगी। सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश कर सकती है। सत्र नवंबर में शुरु होगा।


निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में नौकरी करने वाले करीब पांच करोड़ कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक टैक्स फ्री ग्रेच्युटी का लाभ 1 जनवरी 2016 से मिलेगा। यानि, संसद में कानून पारित होने के बाद पिछले वर्ष एक जनवरी के बाद हुए सभी रिटायर कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का बकाया मिलेगा। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी इसी तिथि से लागू है। 

नंबर गेम---
05 करोड़ निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को फायदा होगा
10 लाख रुपये तक कर मुक्त ग्रेच्युटी राशि की सीमा थी पहले
15 दिन के अंतिम मूल वेतन के बराबर एक साल की ग्रेच्युटी होती है 

ग्रेच्युटी से आर्थिक सुरक्षा देना उद्देश्य
इसका मुख्य मकसद कर्मचारियों को सेवानिवृति के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है। कई बार कर्मचारी सेवानिवृति की  निर्धारित उम्र सीमा के पहले भी विकलांगता या अन्य किसी वजह से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। ऐसे में ग्रेच्युटी आय की मुख्य जरिया बन सकती है। 

महंगाई -वेतनवृद्धि आधार बना
सरकार ने निजी क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के मामले में महंगाई और वेतन वृद्धि को देखते हुए उनके लिए भी ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने का फैसला किया। 

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  • Web Title:Centre clears bill to double tax-free gratuity to Rs 20 lakh
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