Tirchi Nazar, तिरछी नज़र हिन्दुस्तान - Hindustan| Page 1
  • sudhish pachauri

    हे सखि, देख तो हिंदी साहित्य का मौसम आ रहा है। हे सखि, इस नए अचरज को देख कि ‘कठिन समय’ की मार से दमित, पीड़ित, शोषित, गलित साहित्य के मुरझाए हुए चेहरे पर लाली लौट रही है। हे सखि, देख तोे कि...

    18 नबम्बर, 2017 7:18 PM Sudhish Pachauri Tirchhi Najar
  • Sudheesh Pachauri

    मैं कलम लिए घूम रहा हूं कि कोई तो मेरे सिग्नेचर ले ले। मैं भी ‘इंटरनेशनल लेखक’ बन जाऊं। प्रोटेस्टरों की अग्रपंक्ति में आ जाऊं। कोई इतिहास लिखे, तो मेरा नाम सबके आगे रहे कि यह था लेखक, जो...

    11 नबम्बर, 2017 11:39 PM Teerachi Nazar I Could Not Become An International Writer Sudhir Pachauri अन्य...
  • sudhish pachauri

    दिल्ली के साहित्य का असली संकट न तो सामाजिक है, न आर्थिक, न किसी और प्रकार का है। साहित्य का असली संकट श्रोता का संकट है। श्रोता सबसे दुर्लभ आइटम हैं। दिल्ली साहित्यकारों का शहर है। यहां...

    4 नबम्बर, 2017 11:10 PM Sudhish Pachauri Tirchhi Nazar Column
  • Sudheesh Pachauri

    अंग्रेजी में ‘मी टू’ ‘मी टू’। हिंदी में ‘मीटू मीटू’।‘मी टू’ यानी ‘मैं भी’। ‘मी टू’ यानी ‘मेरे साथ भी’। यह है ‘मीटू-मीटू’। यह एक नया ग्लोबल अलंकार है और पैदा होते ही...

    29 अक्तूबर, 2017 1:02 AM This Is Me To Me Too Do Sudheesh Pachauri Hindi Literature अन्य...
  • Sudheesh Pachauri

    न दिनों ऐसी खबरें अक्सर आती रहती हैं कि उसने वह लिखा, तो कुछ लोग नाराज हो गए, इसने यह लिखा, तो लोग नाराज हो गए। सोशल मीडिया पर उसको लानत भेजी जाने लगती हैं। कोई ट्रोल करने लगता है, कोई ट्रोल को...

    22 अक्तूबर, 2017 12:00 AM Mohi Then My Opponent Look अन्य...
  • Sudheesh Pachauri

    अभी आप मेरी बात मानें या न मानें, लेकिन एक दिन आपको यह जरूर मानना पड़ेगा कि असली साहित्य के निर्माण में असली घी का बड़ा महत्व है। मुझे पक्का यकीन है कि एक दिन ऐसा आएगा, जब हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय...

    14 अक्तूबर, 2017 10:58 PM Sudheer Pachauri Hindi Litterateur Tirachi Nazar अन्य...
  • Sudheesh Pachauri

    उनको मिल गई। इनको मिल गई। लेकिन मुझे अब तक नहीं मिली। हीनता-बोध से मरा जाता हूं। जिनको मिली, वे महान हो लिए। टीवी में छा गए। इतिहास बन गया। इनको मिली, तो यह भी चढ़ गए। हमदर्दी मिली। मित्र बोले-...

    7 अक्तूबर, 2017 10:07 PM Teerachi Nazar Sudheesh Pachauri Hindustan
  • Sudheesh Pachauri

    आप घर में बैठकर लिखें या भारतेंदु हरिश्चंद्र की तरह चल-चलकर लिखें या आप नगेंद्र जी की तरह खड़े-खडे़ लिखें। आप पड़े-पडे़ लिखें या सड़े-सडे़ लिखें। आप फेसबुक पर लिखें या ठेसबुक पर लिखें। आप ट्वीट...

    30 सितम्बर, 2017 11:06 PM Teerachi Nazar Sudheer Pachauri Hindi Litterateur अन्य...
  • Sudheesh Pachauri

    वो भी कैसा वक्त था, जब एक कवि, कवि से कहा करता था- कवि, कुछ ऐसी तान सुनाओ जिससे उथल-पुथल मच जाए/ एक हिलोर इधर से आए, एक हिलोर उधर से आए/ प्राणों के लाले पड़ जाएं, त्राहि-त्राहि रव नभ में छाए/ नाश और...

    23 सितम्बर, 2017 11:26 PM Sudheesh Pachauri Teerachi Nazar Hindi Litterateur
  • Sudheesh Pachauri

    कविता कही, तो ताली पड़ी। आनंद का आदान-प्रदान हुआ। आचार्य भाषण दिए, तो विचारोत्तेजना बढ़ी और उत्तेजना का आदान-प्रदान हुआ। कहानीकार ने कहानी कही, तो यथार्थवाद, आदर्शवाद और न जाने कौन-कौन से वाद का...

    16 सितम्बर, 2017 10:36 PM Sudheesh Pachauri Tirachi Nazar
  • Sudheesh Pachauri

    अपने ‘भवानी भाई’ का क्या बिगड़ा? जाते-जाते वह लेखकों को अपनी एक ‘लाइन’ थमा गए- जिस तरह हम बोलते हैं, उस तरह तू लिख/ और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख।  जब से यह लाइन मिली है, हिंदी की गोष्ठियों...

    9 सितम्बर, 2017 9:48 PM Sudheesh Pachauri Hindi Litterateur Teerchi Nazar
  • sudhish pachauri

    इन दिनों हिंदी साहित्यकारों के बीच बडे़-बडे़, बड़े से भी बडे़ कवि खोजने की होड़ लगी है। अच्छी बात है कि हिंदी अपनी परंपरा की ओर लौट रही है। उसमें भी आलोचक लौट रहे हैं। दृश्य एकदम चटपटा और तेज...

    2 सितम्बर, 2017 10:44 PM Sudhish Pachauri Column Tirchhi Nazar Hindustan
  • sudhish pachauri

    इतना बड़ा फैसला आया, लेकिन अपने हिंदी साहित्यकारों का एक बयान न आया। न एक दस्तखत, न एक अभियान। न कहीं आग लगी, न कहीं गोली चली, लेकिन फिर भी सब चुप कवि जन निर्वाक। ‘तुरंता (इंस्टेंट) तीन तलाक’ की...

    26 अगस्त, 2017 10:15 PM Tirachhi Nazar Sudhish Pachauri Sudhish Pachauri Article In Hindustan Hindi
  • हिंदी बड़ी आन वाली भाषा है और उसका साहित्य तो उससे भी बांका है। वह बिना ‘वाद’ के किसी से ‘वाद’ तक नहीं करती। जैसे राजनीति में ‘वायदे वायदे जायते तत्वबोध:’ होता रहता है, उसी तरह हिंदी...

    19 अगस्त, 2017 9:39 PM Hindi Language Sudheesh Pachauri Sudheesh Pachauri Article On Hindi अन्य...
  • Sudheesh Pachauri

    न किसी से वाद कर सका, न विवाद, न संवाद। ऐसा लेखक भी क्या लेखक? लेखक तो वह, जो ‘वादे वादे जायते तत्वबोध:’ के बहाने एक विवाद पैदा कर दे। विवाद से प्रवाद फैलेगा। प्रवाद से वाद बढे़गा। वाद का...

    5 अगस्त, 2017 11:40 PM Tirchi Nazar Column Sudheesh Pachauri
  • 1
  • of
  • 2

सेल्समैन: सर कॉकरोच के लिए पाउडर लोगे क्या?

सेल्समैन: सर कॉकरोच के लिए पाउडर लोगे क्या?

ग्राहक : नहीं हम कॉकरोच को इतना ज्यादा लाड़ प्यार नहीं करते...

आज पाउडर लगाएंगे.. फिर कल हरामखोर परफ्यूम मांगेगा..