Live Hindustan
  • sudhish pachauri

    आलोचना के लोचन पूरी तरह से खुले भी न थे कि उसका अंत हो रहा है। एक ही तो धंधा था, जिसे साधा था, लेकिन अब उसे भी जमाने की नजर लग गई। करूं, तो कोई करने नहीं देता; लिखूं, तो कंप्यूटर खुद मना कर देता है कि...

    18 जून, 2017 12:00 AM Critic Sudhir Pachauri criticism
  • sudhish pachauri

    लेखक हो, तो अंग्रेजी वाला। अंग्रेजी का हो, तो थर्ड वर्ल्ड वाला। थर्ड वर्ल्ड वाले में भी इंडिया वाला। इंडिया वाला हो, तो एलीट-एलीट वाला। एलीट हो, तो पांच सितारे वाला। पांच सितारे वाला हो, तो...

    10 जून, 2017 11:57 PM Hindi Hindi literature English
  • sudhish pachauri

    एक प्रश्न रह-रहकर कुलबुलाता रहता है। अकादेमी के गलियारों में सुनाई तो देता है, मगर दिखाई नहीं देता। जब-जब ऐसा होता है, मेरा मन ‘उन्मनी अवस्था’ में पहंुच जाता है। इस कदर ‘उन्मन’ होता है कि...

    3 जून, 2017 11:58 PM Hindi Literature Hindi Articles Literature
  • ‘काव्य की आत्मा’ की तलाश में संस्कृत के पंडितों ने हजारों साल तक सिर खपाया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। किसी ने कहा कि काव्य की आत्मा ‘रस’ है। किसी ने कहा ‘अलंकार’ है। किसी ने कहा...

    28 मई, 2017 12:23 AM Poetry literature poet
  • sudhish pachauri

    शताब्दीबाजों से विनती कर रहा हूं कि अब शताब्दी मनाना बंद करें। लंच-डिनर-दारू गटकने के बहाने और भी हैं। लोकार्पणों में जीमिए। किसी के 75वें में, 80वें या 90वें में रात भर दारू कुट्टिए, पर ‘शताब्द

    20 मई, 2017 11:37 PM Hindi literature literary writers writers
  • sudhish pachauri

    मुझे पता था कि एक दिन ऐसा आएगा कि मंडी हाउस के गोल चक्कर के बीच खडे़ होकर साहित्य बिसूरता हुआ मिलेगा। किशोर कुमार का पुराना गीत गाता हुआ- कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन। वह मंडी हाउस के गोल चक्कर में फ

    14 मई, 2017 12:57 AM मंडी हाउस सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार
  • sudhish pachauri

    ‘हिंदी देश की एकता के लिए खतरा है’! ‘हिंदी तानाशाही मुर्दाबाद’! ‘हिंदी देश की बहुभाषिता के लिए खतरा है’! ‘इससे देश टूट जाएगा’! ऐसी बातें सुनकर पहले म

    6 मई, 2017 11:38 PM Hindi literature articles by sudhish pachauri sudhish pachauri
  • ‘हो रहा है जो जहां सो हो रहा...।’ यह हिंदी साहित्य का वह ‘स्थायी’ है, जिसके कारण शेष साहित्य इसका सिर्फ ‘अंतरा’ नजर आता है। और वह हिंदी साहित्य का ‘स्थायी&rs

    29 अप्रैल, 2017 9:44 PM सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार राष्ट्रकवि
  • Hindi Literature

    उन्होंने 20 साल से नहीं लिखा/ उन्होंने 30 साल से नहीं लिखा/ इन दिनों वह कुछ लिखने वाले हैं/ इन दिनों वह कुछ लिख रहे हैं/ सुना है कि उनने इधर कुछ लिखा है/ सुना है कि एक लंबी कविता पर काम कर रहे हैं/ वह

    24 अप्रैल, 2017 4:33 PM
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पप्पू: सर लोग हिंदी या इंग्लिश में ही बात करते है...

पप्पू: सर लोग हिंदी या इंग्लिश में ही बात करते है। मैथ्स में क्यों नही..?

टीचर: ज्यादा 3-5 न कर, 9-2-11 हो जा, वरना 5-7 खीच के दूंगा,
6 के 36 नज़र आयेंगे और 32 के 32 बहार आ जायेंगे।

पप्पू: सर, हिंदी और इंग्लिश ही ठीक है। मैथ्स वाकई खोफनाक सब्जेक्ट है।