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  • Sudheesh Pachauri

    वो भी कैसा वक्त था, जब एक कवि, कवि से कहा करता था- कवि, कुछ ऐसी तान सुनाओ जिससे उथल-पुथल मच जाए/ एक हिलोर इधर से आए, एक हिलोर उधर से आए/ प्राणों के लाले पड़ जाएं, त्राहि-त्राहि रव नभ में छाए/ नाश और...

    23 सितम्बर, 2017 11:26 PM Sudheesh Pachauri Teerachi Nazar Hindi Litterateur
  • Sudheesh Pachauri

    कविता कही, तो ताली पड़ी। आनंद का आदान-प्रदान हुआ। आचार्य भाषण दिए, तो विचारोत्तेजना बढ़ी और उत्तेजना का आदान-प्रदान हुआ। कहानीकार ने कहानी कही, तो यथार्थवाद, आदर्शवाद और न जाने कौन-कौन से वाद का...

    16 सितम्बर, 2017 10:36 PM Sudheesh Pachauri Tirachi Nazar
  • Sudheesh Pachauri

    अपने ‘भवानी भाई’ का क्या बिगड़ा? जाते-जाते वह लेखकों को अपनी एक ‘लाइन’ थमा गए- जिस तरह हम बोलते हैं, उस तरह तू लिख/ और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख।  जब से यह लाइन मिली है, हिंदी की गोष्ठियों...

    9 सितम्बर, 2017 9:48 PM Sudheesh Pachauri Hindi Litterateur Teerchi Nazar
  • sudhish pachauri

    इन दिनों हिंदी साहित्यकारों के बीच बडे़-बडे़, बड़े से भी बडे़ कवि खोजने की होड़ लगी है। अच्छी बात है कि हिंदी अपनी परंपरा की ओर लौट रही है। उसमें भी आलोचक लौट रहे हैं। दृश्य एकदम चटपटा और तेज...

    2 सितम्बर, 2017 10:44 PM Sudhish Pachauri Column Tirchhi Nazar Hindustan
  • sudhish pachauri

    इतना बड़ा फैसला आया, लेकिन अपने हिंदी साहित्यकारों का एक बयान न आया। न एक दस्तखत, न एक अभियान। न कहीं आग लगी, न कहीं गोली चली, लेकिन फिर भी सब चुप कवि जन निर्वाक। ‘तुरंता (इंस्टेंट) तीन तलाक’ की...

    26 अगस्त, 2017 10:15 PM Tirachhi Nazar Sudhish Pachauri Sudhish Pachauri Article In Hindustan Hindi
  • हिंदी बड़ी आन वाली भाषा है और उसका साहित्य तो उससे भी बांका है। वह बिना ‘वाद’ के किसी से ‘वाद’ तक नहीं करती। जैसे राजनीति में ‘वायदे वायदे जायते तत्वबोध:’ होता रहता है, उसी तरह हिंदी...

    19 अगस्त, 2017 9:39 PM Hindi Language Sudheesh Pachauri Sudheesh Pachauri Article On Hindi अन्य...
  • Sudheesh Pachauri

    न किसी से वाद कर सका, न विवाद, न संवाद। ऐसा लेखक भी क्या लेखक? लेखक तो वह, जो ‘वादे वादे जायते तत्वबोध:’ के बहाने एक विवाद पैदा कर दे। विवाद से प्रवाद फैलेगा। प्रवाद से वाद बढे़गा। वाद का...

    5 अगस्त, 2017 11:40 PM Tirchi Nazar Column Sudheesh Pachauri
  • sudhish pachauri

    जब-जब कवि बनना चाहा, किसी न किसी सत्यानाशी ने मेरे कवि के करियर को चौपट कर दिया। अब यही देख लीजिए- विश्व कविता का बाजार बन रहा था। बजट तय हो गया। कवियों की जेबें गरमाने लगीं। पर दैव दुर्विपाक कि...

    29 जुलाई, 2017 10:12 PM Literature Hindi Literature Poetry अन्य...
  • sudhish pachauri

    भगवान को हाजिर नाजिर मानकर बिना किसी दबाव, बिना किसी भेदभाव और हिंदी साहित्य के हित में कह रहा हूं कि मायामोह के बंधन में बंधे इस नश्वर संसार में कौन प्राणी कितनी देर अस्तित्व रखता है कब उसे...

    22 जुलाई, 2017 10:07 PM Hindi Literature Literature Sudhish Pachauri अन्य...
  • sudhish pachauri

    तीसरी कसम पहले खा चुका हूं, अब चौथी खाने जा रहा हूं कि चाहे कुछ हो जाए, अपने लेखन में आगे से किसी कवि का, कथाकार का, आलोचक का नाम तक न लूंगा। नाम, गांव और शहर की बात छोड़िए, मैं तो उस दिशा तक का जिक्र न...

    16 जुलाई, 2017 12:29 AM Poet Literary Hindi Literature अन्य...
  • sudhish pachauri

    न जाने कितने दिनों से मेरा मन कर रहा है कि अब जंतर मंतर पर बैठ ही जाऊं। जंतर मंतर की महिमा ही कुछ ऐसी है। जो गया, वह अमर हुआ। उसी का नाम हुआ। उसी का काम हुआ। जो भी उस पवित्र-पुण्य फुटपाथ पर बैठ गया...

    8 जुलाई, 2017 10:20 PM Jantar Mantar Literature Hindi Literature अन्य...
  • sudhish pachauri

    अच्छे आलोचक को नंबर वन का झूठा होना चाहिए। अच्छे आलोचक के पास कम से कम दो स्मार्ट फोन होने ही चाहिए। जो चेलों द्वारा जन्मदिन पर दिए होने चाहिए। चेलों को मंच पर ही दो चार बार फोन करने चाहिए ताकि...

    1 जुलाई, 2017 7:05 PM Critic Literature Hindi Literature अन्य...
  • sudhish pachauri

    ये नोबेल के लेवल को क्या हुआ? लगता है कि वह भी हिंदी लेवल का हो गया है। जिस नामी गीत गायक बॉब डिलन को पिछले दिनों नोबेल सम्मान दिया गया, जिसे ‘सम्मान’ के जबाव में ‘धन्यवाद भाषण’ देने के लिए...

    24 जून, 2017 11:13 PM Hindi Literature Literary Theft Of Articles
  • sudhish pachauri

    आलोचना के लोचन पूरी तरह से खुले भी न थे कि उसका अंत हो रहा है। एक ही तो धंधा था, जिसे साधा था, लेकिन अब उसे भी जमाने की नजर लग गई। करूं, तो कोई करने नहीं देता; लिखूं, तो कंप्यूटर खुद मना कर देता है कि...

    18 जून, 2017 12:00 AM Critic Sudhir Pachauri Criticism अन्य...
  • sudhish pachauri

    लेखक हो, तो अंग्रेजी वाला। अंग्रेजी का हो, तो थर्ड वर्ल्ड वाला। थर्ड वर्ल्ड वाले में भी इंडिया वाला। इंडिया वाला हो, तो एलीट-एलीट वाला। एलीट हो, तो पांच सितारे वाला। पांच सितारे वाला हो, तो...

    10 जून, 2017 11:57 PM Hindi Hindi Literature English अन्य...
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फूफा जी: बेटा इंटर के बाद आगे क्या करोगे..

फूफा जी: बेटा इंटर के बाद आगे क्या करोगे..

भतीजा: बीटेक के लिए फॉर्म डाल रहे हैं, देखो क्या होता है..

फूफा जी: अगर रैंक अच्छी नहीं आई तो..

भतीजा: तो फिर कहीं से सिंपल ग्रेजुएशन कर लेंगे..

फूफा जी: अच्छा मान लो इंटर में बाई चांस लटक गए तो..?

भतीजा: तो फिर एक मर्डर करेंगे, एक रिश्तेदार का.. हमारी कुण्डली में लिखा है..