Live Hindustan
  • भारत में लोकतंत्र परिपक्व होता हुआ दिख रहा है। वीआईपी संस्कृति पर करारा चोट करते हुए केंद्र सरकार ने लाल बत्ती की संस्कृति को खत्म करने का एलान किया है। इसके पहले पंजाब के नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री अमर

  • वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी कानून को मंजूर किया जाना हमारी संघीय राजनीति और आर्थिक सुधारों के इतिहास की एक ऐतिहासिक घटना है। हमारी संसद ने जीएसटी से जुड़े चार विधेयकों व संविधान संशोधनों को पारित किय

  • तीन अप्रैल, 2017 को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने देश के शीर्षस्थ उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों की जो सूची जारी की, उसमें उत्तर और दक्षिण भारत के बीच जो बड़ा फर्क नजर आया, व

  • इन दिनों कैरेबियाई देशों, खासकर सूरीनाम, गुयाना और त्रिनिदाद ऐंड टोबैगो में ‘गिरमिट’ प्रथा की समाप्ति की सौवीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। अंग्रेज बड़े उद्यमी थे। संसार के विभिन्न देशों में घू

  • अक्सर वह आलमारी खोलकर असमंजस में पड़ जाते हैं। आज कौन-सा सूट पहनूं या कौन सी शर्ट पहनूं? ऐसा हर किसी के साथ होता है। तब उन्हें पिताजी की याद आती है, वह चुपचाप से उठते, खूंटी पर टंगी साफ-सुथरी शर्ट-पैंट

  • हम जिस एर्दोआन का स्वागत करेंगे

    वह 2011 की शरद ऋतु थी, जब मैं रिजेप तैयिप एर्दोआन से पहली बार मिला था। वह मध्य-पूर्व (भारत से पश्चिम एशिया) का कामयाब दौरा करके न्यूयॉर्क पहुंचे थे। उस वक्त अरब-क्रांति अपने शबाब पर थी, और ट्यूनीशिया,

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नफरत की गोलियों ने मेरे हौसले बढ़ा दिए

    कुछ लोगों के लिए मैं वह तस्वीर हूं, जिसे बिगाड़कर प्रचारित-प्रसारित किया जा सकता है। तो आपमें से अनेक लोगों के लिए वह छोटा टुकड़ा, जिससे वे खेल सकते हैं। मुझे धमकाया जाता है। डराने की कोशिश की जाती है।

  • वह अमेरिकी लेखिका एदिता मॉरिस की एक किताब पढ़ रहे थे- लव टु वियतनाम।  किताब में एक जगह वह रुक गए। लिखा था-‘धुन का पक्का आदमी एक बुल्डोजर की तरह होता है। वह मार्ग में बाधा की परवाह नहीं करता।

  • किसान आंदोलित हैं, समाधान नदारद

    तमिलनाडु के किसानों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर लंबे विरोध-प्रदर्शनों से न सिर्फ अपने राज्य के, बल्कि पूरे देश के अन्नदाताओं की दुर्दशा की ओर ध्यान खींचा है। इन प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल हैं

  • जवानों से बदसुलूकी का जवाब देने की जरूरत

    सीमा पर तैनात सैनिक अपने देश का गौरव होते हैं। सैनिकों की वीरता ही देश का गौरव बढ़ाती है। कश्मीर घाटी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों के साथ बदसुलूकी व भारत विरोधी नारों के साथ पिटाई पर चल रही र

  • तंबाकू पर एक नई बहस

    तंबाकू कंपनियों में सरकार की क्या सीधी या परोक्ष रूप से कोई हिस्सेदारी होनी चाहिए? यह एक ऐसा सवाल है, जिसे लेकर कुछ लोग बंबई हाईकोर्ट पहुंचे हैं, जिनमें टाटा समूह के ट्रस्टीज भी शामिल हैं। यह मामला आई

  • अफवाहों की आंच पर चलती सितारों की जिंदगी

    सितारों की जिंदगी अफवाहों की आंच पर तप रही है। अपने जमाने के सुपर खलनायक और बाद में हीरो बनकर  राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र के समकालीन अपनी जगह बनाए रखने वाले विनोद खन्ना के बारे में आज

  • चार्वाक भारतीय दर्शन में जितना प्रसिद्ध, उतना ही निंदित नाम है। मगर इसके बावजूद सभी पुराने दर्शन- चाहे वह सांख्य हो या वेदांत, चार्वाक के वचनों का खंडन करके ही आगे बढ़ते हैं। यह चार्वाक कौन हैं और उनके

  • हिंदी कविता का ‘टी थ्री’

    तीन दर्जन युवा कवियों की युवा कविताएं पढ़ते-पढ़ते ऊंघने लगा हूं। सब के बारे में सबने बता दिया है कि सब में बेचैनी है। सब में उत्सुकता है। जिज्ञासा है। जागरूकता है। रचनाशीलता है। अपने समय से मुठभेड़ है। न

  • जहां पहुंचकर गांधी महात्मा बने

    करीब सौ साल पहले यही सप्ताह था, जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी चंपारण पहुंचे थे। वह यहां कई महीने रहे। किसानों की समस्याओं से रूबरू हुए। उन दिनों किसानों को जबरन नील की खेती करनी पड़ती थी। मना करने वालों

मैं तो स्मार्ट फोन को उस दिन ...

मैं तो स्मार्ट फोन को उस दिन स्मार्ट मानूंगी जब मैं चिल्लाऊंगी के हमाओ फोन कहां ? और फोन आवाज लगाएगा: जे हैं जिज्जी हम, खटिया के नीचे परे हैं।