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राज्य सरकार ने गांधी सेतु तोड़ने को दी हरी झंडी

नव निर्माण के लिए महात्मा गांधी सेतु को तोड़ने की प्रक्रिया रविवार से शुरू हो जाएगी। रविवार यानी 21 मई से पुल की पश्चिमी लेन में पीलर नम्बर एक से 12 तक एक दर्जन स्पैन पर यातायात बंद कर दिया जाएगा। पुल को नीचे से सपोर्ट देने और पुलिस के लिए अस्थाई शेल्टर बनाने में दस दिन लगेंगे। उसके बाद पुल तोड़ना शुरू हो जाएगा।  
मुख्य सचिव अंजनि कुमार सिंह ने शुक्रवार को पुल निर्माण से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीजीपी पीके ठाकुर के अलावा पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा और पथ मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी राजेश कुमार भी थे। बैठक में राज्य सरकार ने नवनिर्माण के लिए पुल तोड़ने को हरी झंडी दे दी। यातायात की नई व्यवस्था भी कर दी गई है। दीघा-सोनपुर पुल के चालू होने तक सभी वाहन गांधी सेतु से गुजरेंगे। लेकिन 11 जून को दीघा-सोनपुर पुल के उद्घाटन के बाद छोटे वाहन उस पुल से होकर जाएंगे और गांधी सेतु बड़े वाहनों के लिए खुला रहेगा। नवनिर्माण के दौरान कुछ दूरी में यातायात बंद करने से ट्राफिक पर पड़ने वाले प्रभाव का ट्रायल पटना और वैशाली जिला ने पहले ही कर लिया है।  
पुल को तोड़ने के लिए निर्माण एजेन्सी ने पूरी तैयारी पहले ही कर ली है। केवल उस मशीन का आना बाकी है, जिससे पुल के पानी के नीचे वाले भाग को तोड़ना है। लेकिन वह मशीन भी जून महीने में पटना पहुंच जाएगी। तब तक पुल के ऊपरी भाग को तोड़ा जाएगा। गांधी सेतु के पुराने कंक्रीट के सुपरस्ट्रक्चर को तोड़कर उस पर स्टील का सुपरस्ट्रक्चर लगाना है। पश्चिमी लेन का  काम दो साल में पूरा करना है। उसके बाद दूसरे लेन के लिए डेढ़ साल का ही समय तय किया गया है।  
आंकड़े की नजर में  
 5.575 किलो मीटर लंबा है पुल 
1383 करोड़ रुपये में फाइनल हुआ टेंडर
1742 करोड़ स्वीकृत है नवनिर्माण के लिए
35 वर्ष पुराना है महात्मा गांधी सेतु 
47 कुल पाये हैं सेतु में  
 

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  • Web Title:State government gives green signal to break Gandhi setu
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