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नमूना जांच के आधार पर बने स्वायल फर्टिलिटी मैप : मंत्री

कृषि डॉ. प्रेम कुमार ने वर्ष 2015-17 के मिट्टी नमूनों की जांच के नतीजों के आधार पर प्रखंड, जिला एवं राज्य स्तर पर स्वायल फर्टिलिटी मैप का निर्माण करने का निर्देश दिया है। इससे राज्य, जिला एवं प्रखंड स्तर पर मृदा की उर्वरता के आधार पर रासायनिक उर्वरक के साथ-साथ जैव उर्वरक एवं कार्बनिक उर्वरकों के प्रयोग के लिए क्षेत्र चिंह्नित कर कार्ययोजना तैयार कर कार्यान्वयन में सहूलियत होगी। मंत्री ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के द्वितीय चरण 2017-19 में 14. 52 लाख सिंचित एवं असिंचित ग्रिडों से नमूना संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्ष 2017-18 में 7. 26 लाख नमूना संग्रहण एवं जांच तथा 36.18 लाख कार्ड वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। डॉ. कुमार ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मृदा के ऑर्गेनिक कार्बन की उपलब्धता की जांच के आधार पर वैसे क्षेत्र, जहां ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर मानक से कम पाया जाता है, उस क्षेत्र विशेष में, हरी चादर योजना के साथ-साथ अन्य उपाय किये जाएं। इससे मिट्टी में डाले गये उर्वरक से पौधों को लाभ होगा एवं मिट्टी की भौतिक दशा में सुधार होगा। कहा कि वैसे क्षेत्र, जहां जिंक की कमी है, उन क्षेत्रों में इसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए। मंत्री ने गत वर्ष की मृदा जांच के आधार पर पोषक तत्वों के कमी वाले क्षेत्रों को चिन्हित करने का निर्देश दिया।

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  • Web Title:Soil fertility map will be prepared on sample investigation
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