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कोई बिना इफ्तार किए न जाए, यह देखिए : सीएम

आने वाले सभी लोग इफ्तार किए कि नहीं। बिना इफ्तार किए कोई न जाए, यह देखिए। यह आग्रह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से कर रहे थे। हज भवन में जदयू की ओर से आयोजित दावत-ए-इफ्तार में मुख्यमंत्री ने मेजबानी की भूमिका बखूबी निभाई। न केवल आने वाले सभी आगंतुकों का ख्याल रखा, बल्कि इफ्तार की पूरी व्यवस्था का खुद जायजा भी लिया। जदयू के इफ्तार की एक खासियत यह भी रही कि लगातार यह तीसरा दिन था जहां महागठबंधन के नेताओं का जमावड़ा लगा। शाम सवा छह बजे मुख्यमंत्री हज भवन पहुंच गए थे। सीएम के आने के पहले राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों में श्रवण कुमार, मदन सहनी, जय कुमार सिंह, संतोष निराला, सांसद आरसीपी सिंह, पूर्व मंत्री श्याम रजक, प्रो. रणवीर नंदन सहित कई वरिष्ठ नेता आ चुके थे। सीएम के आने के कुछ देर बाद ही विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी पहुंचे। विधान परिषद के पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह भी पहुंचे। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह भी आए। साढ़े छह बजे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी तीनों एक साथ हज भवन आए। जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सहित जदयू के अन्य वरिष्ठ नेताओं के आने का सिलसिला जारी रहा। सीएम सहित अन्य नेताओं ने राज्य व देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी। दावत-ए-इफ्तार में सीएम सहित अन्य नेताओं ने लजीज व्यंजन का स्वाद लिया। इफ्तार के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को सीएम गाड़ी तक छोड़ने गए। सीएम ने इफ्तार की पूरी व्यवस्था का जायजा भी लिया। लगभग डेढ़ घंटे से अधिक समय तक वह हज भवन रहे। पार्टी के आयोजन में बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अरविन्द कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्या व अनिल कुमार, निखिल मंडल, अरविन्द निषाद, अंजुम आरा, ओमप्रकाश सिंह सेतु सहित अन्य नेता लगे रहे।

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