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अपराध पर कोताही बर्दाश्त नहीं : नीतीश

अपराध पर कोताही बर्दाश्त नहीं : नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में कानून का राज है और रहेगा। अपराध पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई यह दावा नहीं कर सकता है कि अपराध की घटना नहीं होगी। कम से कम हम तो यह दावा नहीं करते। लेकिन इतना मेरा दावा जरूर होगा कि अपराध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसमें सुस्ती दिखाने वाले पदाधिकारी-कर्मी दंडित होंगे। मुख्यमंत्री लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में एक क्षण के लिए भी हमलोग सुस्त नहीं हैं। कार्रवाई में देर नहीं होती। तथाकथित प्रगतिशील राज्यों से अपराध के मामले में बिहार काफी पीछे है। विधि-व्यवस्था में बिहार बढ़िया है। अपराध नियंत्रण में बेहतर है। अनुसंधान भी यहां तेज होता है। शराबबंदी के बाद अपराध में और कमी आई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार बिहार अपराध के मामले में देश में 22 वें नंबर पर था। लेकिन बिहार की हर एक घटना को प्रचारित किया जाता है। बिहार के मुकाबले दिल्ली के अपराध के सौवें हिस्से का भी जिक्र नहीं होता है। अपराध को लेकर बिहार के प्रति जबरदस्ती की छवि बनायी जाती है। ईमानदारी से विश्लेषण करें और लोगों से पूछें तो सही जानकारी मिल जाएगी। लखीसराय की दुष्कर्म की घटना पर उन्होंने कहा कि जरूरी कार्रवाई हो रही है। यह संगीन अपराध है। पुलिस को सख्त हिदायत है कि इस मामले में पूरी गहराई से जांच करें और दोषी को सजा दिलाएं। बिहार अनाथ नहीं की कोई गोद ले, बहुत दम है: मुख्यमंत्री बोले सीएम बिहार को गोद लेने की बात कोई कैसे कर सकता है, यह अनाथ नहीं है भाजपा नेताओं ने कहा था- योगी आदित्यनाथ ने बिहार को गोद ले लिया है पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में बहुत दम है। यह जीवंत है। बिहार अनाथ नहीं कि कोई गोद लेने की बात करे। गोद तो उसे लिया जाता है, जो अनाथ है। बिहार अनाथ नहीं है। लोकसंवाद के बाद मुख्यमंत्री पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बिहार को गोद लेने के दावे पर पूछे गए सवाल का वह जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश में शराबबंदी लागू करने पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक तीन तलाक का मुद्दा है तो यह सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट के फैसले का इंतजार करें। केंद्र सरकार बिहार के किसी भी प्रोजेक्ट पर गंभीर नहीं है। हमको तो किसी प्रोजेक्ट में गंभीरता नहीं दिखती। सिर्फ चर्चा होती है। बांका में प्रस्तावित अल्ट्रापावर प्रोजेक्ट का भी यही हाल है। पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका डीपीआर बनाकर केंद्र को भेजे एक साल से भी अधिक हो गया, पर अभी तक केंद्र ने इस पर सहमति नहीं दी है। नई नीति के बहाने अगर बिहार पर अतिरिक्त बोझ डाला गया तो यह नाइंसाफी होगी। मनरेगा की मजदूरी बढ़ाए केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को मनरेगा की मजदूरी में वृद्धि करनी चाहिए। बिहार में मनरेगा की मजदूरी कम है। इससे अधिक बिहार में न्यूनतम मजदूरी निर्धारित है। मनरेगा के मजदूरों को बिहार में राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी के बराबर भुगतान होता है। यह दर मनरेगा के लिए केंद्र को तय कर देनी चाहिए। गौरतलब हो कि इस साल केंद्र ने बिहार के लिए मनरेगा की मजदूरी 168 रुपये तय की है, जबकि बिहार की न्यूनतम मजदूरी 232 रुपये है। योग को राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं योग का हिमायती हूं। खुद प्रतिदिन योग करता हूं। लेकिन इसके दिखावेपन के खिलाफ हूं। योग को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। मैं योग और प्राकृतिक चिकित्सा का पक्षधर हूं। बिहार में विपश्यना को बढ़ावा दिया जा रहा है। पटना के बुद्ध पार्क में दस दिनों का विपश्यना कोर्स जल्द ही शुरू कराया जाएगा। उन्होंने भाजपा नेताओं पर निशाना साधा कि वे योग सीखें और इसे सही रूप में करें। योग सीखने के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है। बिहार के मुंगेर में ही योग का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां से लाखों योग गुरु पैदा हुए हैं।

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  • Web Title:Nitish does not tolerate crime
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