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बिजली परियोजनाओं की निगरानी का नया फार्मूला तय

बिजली परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के लिए कंपनी ने नए सिरे से जिम्मेवारियों का निर्धारण किया है। नई व्यवस्था के तहत अगर परियोजनाओं में देरी हुई तो कनीय व सहायक अभिंयता सीधे तौर पर जिम्मेवार होंगे। दरअसल, बीते दिनों कंपनी ने हर घर बिजली योजना की समीक्षा की। दो साल में 50 लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन गुजर-बसर करने वाले एपीएल परिवार को कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को तय समय में पूरा किया जाए, इसके लिए निगरानी की प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है। दैनिक रिपोर्ट इंजीनियरों से लेने का क्रम जारी रहेगा। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर साप्ताहिक और मुख्यालय स्तर पर मासिक समीक्षा भी की जाएगी। इसी क्रम में अगर कनेक्शन देने में कोई इलाका पीछे होगा तो वहां के कनीय व सहायक अभियंताओं से जवाब मांगा जाएगा। ठोस तर्क नहीं हुआ तो इन दोनों पर कंपनी सख्त कार्रवाई करेगी। यही नहीं, परियोजनाओं को लेकर कंपनी इसके ऊपर वाले इंजीनियरों पर भी कार्रवाई करेगी। कार्यपालक व अधीक्षण अभियंताओं के कामकाज की भी समीक्षा होगी। राज्यवार इस स्तर के इंजीनियरों के काम की समीक्षा होगी। जिनका प्रदर्शन काफी नीचे रहा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कंपनी का मानना है कि सरकार के सात निश्चय में से एक हर घर बिजली योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चूंकि बीपीएल परिवार को ग्रामीण विद्युतीकरण के तहत नि:शुल्क कनेक्शन दिया जा रहा है। उसी के तर्ज पर एपीएल परिवार को कनेक्शन के समय कोई पैसा नहीं लिया जा रहा है। कनेक्शन चालू होने पर एपीएल उपभोक्ताओं से बिजली बिल में किस्तों से पैसा लिया जाएगा। इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाएगी।
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  • Web Title: New Formula for Monitoring of Power Projects
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