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औरंगाबाद के ढ़िबरा में थी सुरक्षाबलों को उड़ाने की साजिश

नक्सलियों ने औरंगाबाद के ढिबरा में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए हाईटेक तरीका अपना रखा था। नक्सलियों के मंसूबे कितने खतरनाक थे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लैंडमाइंस में हाई एक्सप्लोसिव कोडेक्स तार लगा था, जो विस्फोट को और घातक बनाने में सक्षम है।

इसके अलावा सभी लैंडमाइंस सीरीज में लगाए गए थे ताकि सुरक्षाबल किसी भी सूरत में बच न सकें। कोडेक्स तार हाई एक्सप्लोसिव होता है। लैंड माइंस में मौजूद विस्फोटक को ब्लास्ट कराने के लिए अमूमन डेटोनेटर का इस्तेमाल किया जाता है। पावर मिलने से डेटोनेटर ब्लास्ट करता है और वह विस्फोटक को उतनी ऊर्जा देता है, जिससे उसमें धमाका हो सके। पर कोडेक्स तार बगैर डेटोनेटर के ही भयानक विस्फोट कराने में सक्षम होता है।

पांच लैंडमाइंस में तीन में लगा था कोडेक्स तार ढ़िबरा थाना क्षेत्र में बुधवार को सीरीज में लगाए गए पांच लैंडमाइंस मिले थे। तीन में कोडेक्स तार का इस्तेमाल किया गया था। इनमें डेटोनेटर नहीं लगा था। बाकी के दो लैंडमाइंस में डेटोनेटर लगाए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक सड़क निर्माण कार्य के दौरान ही लैंडमाइंस लगाए गए थे। अभी सिर्फ मिट्टी भराई हुई है। यदि लैंडमाइंस का पता अभी नहीं चलता तो पिच सड़क तैयार हो जाती।

यह सुरक्षाबलों के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकता था। संदीप के दस्ते का हाथ गया, औरंगाबाद और पालामू की सीमा पर नक्सलियों की कमान संभालने वाला संदीप दस्ता का हाथ लैंडमाइंस के पीछ हो सकता है। अधिकारियों को आशंका है कि संदीप की देखरेख में ही ये लैंडमाइंस लगाए गए थे। संदीप कुख्यात नक्सली है और उसपर दर्जनों मामले दर्ज हैं। चकरबंधा के इलाके में उसकी मौजूदगी होती है। कई दफे उसका दस्ता सुरक्षाबलों को लैंडमाइंस से निशाना बना चुका है।

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  • Web Title:Conspiracy to blow up security forces in Aurangabad's Dhibra
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