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हर जिले में एक बड़े क्लस्टर का होगा निर्माण

उद्योग विभाग ने सभी जिला उद्योग पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में एक बड़े क्लस्टर का निर्माण करें। स्थानीय स्तर पर क्लस्टर के चयन में प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए बुधवार को सभी जिला उद्योग पदाधिकारी सह महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र एवं विभागीय अधिकारियों के तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।

क्लस्टर विकास और उद्यमिता विकास विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन स्थित विभागीय सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्लस्टर निर्माण के बाद उन्हें सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। स्टैंड अप इंडिया, मुद्रा योजना एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से उद्यमियों को ऋण सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। जिला उद्योग पदाधिकारी स्थानीय स्तर पर उद्यमों का क्लस्टर बनाने के लिए चयन करें। नालंदा में झूला क्लस्टर, खाजा क्लस्टर व लेदर क्लस्टर सहित विभिन्न जिलों में क्लस्टरों की शुरुआत की गयी है। डॉ. सिद्धार्थ ने कुछ जिलों में एक भी क्लस्टर नहीं गठित किए जाने पर नाराजगी भी जतायी। रेशम एवं हस्तकरघा निदेशालय के निदेशक साकेत कुमार ने कहा कि सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज सहित सात जिलों में मलवरी के विकास की योजना बनायी गयी है। क्लस्टर बनाकर सिल्क उत्पादन के क्षेत्र में आधुनिकतम तकनीक, डिजाइन इत्यादि का उपयोग किया जा सकता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रांट थ्रानटन के निदेशक वी. पद्यमानंद एवं निम्से, हैदराबाद के वरीय फैकल्टी सदस्य एस. गौड़ ने क्लस्टर विकास की संभावना और उसके क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। विभाग के अपर सचिव प्रदीप कुमार ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया।

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  • Web Title:Build a large cluster in every district: Dr. Siddhartha
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