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सीबीआई कोर्ट ने नार्को टेस्ट के मामले में शहाबुद्दीन से लिखित जवाब मांगा

सीबीआई कोर्ट ने नार्को टेस्ट के मामले में शहाबुद्दीन से लिखित जवाब मांगा

हिन्दुस्तान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में नार्को व पॉलीग्रॉफी टेस्ट के बाबत पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन को लिखित में जवाब देना होगा। यह आदेश सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने दिया। अगली सुनवाई चार जुलाई को होगी। मामले के आरोपित सोनू कुमार गुप्ता, राजेश कुमार, रिषु कुमार, रोहित कुमार सोनी व विजय कुमार गुप्ता को भी अदालत में पेश किया गया।

इस दौरान कोर्ट परिसर में चाक चौबंद व्यवस्था थी। पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन सोमवार को तिहाड़ जेल से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए। प्रभारी विशेष मजिस्ट्रेट जावेद आलम के समक्ष पूर्व सांसद ने नार्को व पॉलीग्रॉफी टेस्ट के बिंदु पर पक्ष रखा। वहीं पूर्व सांसद के अधिवक्ता ने सीबीआई की ओर से पूर्व में दाखिल आवेदन पर पक्ष रखा। पूर्व सांसद के अधिवक्ता दिलीप कुमार ने बताया कि मो. शहाबुद्दीन ने सीबीआई जांच पर सवाल खड़े किए हैं। अक्टूबर 2016 में मो. कैफ व एक अन्य आरोपित के नार्को टेस्ट के लिए कोर्ट ने मंजूरी दी थी। साथ ही रिमांड की भी मंजूरी दी गयी, लेकिन आजतक उनका नार्को टेस्ट नहीं कराया गया। सीबीआई के 50 से 60 सवालों का जवाब पूर्व सांसद दे चुके हैं। ऐसे में पॉलीग्रॉफी टेस्ट का औचित्य नहीं है।

सीबीआई दे चुकी है अर्जी
सीबीआई ने पांच जून को पूर्व सांसद के नार्को, पॉलीग्रॉफी व ब्रेन मैपिंग टेसट समेत चार जांच के लिए सीबीआई की विशेष अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसके लिए पूर्व सांसद को चार दिन की रिमांड पर देने का आग्रह किया गया था। फिलहाल सीबीआई की इस अर्जी पर सुनवाई चल रही है। क्या है मामला 13 मई 2016 की रात सीवान के स्टेशन रोड में हिन्दुस्तान के पत्रकार राजदेव रंजन को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्रकार की पत्नी आशा रंजन ने नगर थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी थी। बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दी गयी।

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  • Web Title:CBI court has sought written reply to Shahabuddin in relation to the Narco test.