class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार: कोसी और सीमांचल में बाढ़ की स्थिति गंभीर, लोगों का पलायन शुरू

 पूर्णिया में बाढ़ की स्थिति को देखते हुये 10 स्थलों पर राहत शिविर खोला गया

1/4 पूर्णिया में बाढ़ की स्थिति को देखते हुये 10 स्थलों पर राहत शिविर खोला गया

सहरसा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, समेत पूरे सीमांचल में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बाढ़ में घिरे लोगों का पलायन शुरू हो गया है। 

पूर्णिया के बायसी अनुमंडल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुये 10 स्थलों पर राहत शिविर खोला गया है। एसडीआरएफ की टीम लगातार बाढ़ में घिरे लोगों को सुरक्षित स्थलों पर ले जा रही है। भागलपुर एवं अन्य जिलों से भी एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीम को बायसी रवाना किया गया है। रात में जिलापदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने बायसी जाकर स्थिति का जायजा लिया था।  

रविवार की सुबह डीएम प्रदीप कुमार झा और एसपी निशांत कुमार तिवारी बायसी क्षेत्र के लिए निकल चुके हैं। जिले के कई अधिकारी बायसी अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों में कैम्प कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच सूखा राशन (चूड़ा, चीनी, चना, मोमबत्ती, माचिस आदि) वितरण हेतु आज से कला भवन एवं टाउन हॉल में पैकेट तैयार किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन को लेकर रविवार की सुबह जिलापदाधिकारी के आवासीय कार्यालय में विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक  की गई ।

पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को बायसी अनुमंडल क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर पथों की स्थिति पर निगरानी रखने का निदेश दिया गया। बाढ़ नियंत्रण के कार्यपालक अभियंता को भी बायसी क्षेत्र में लगातार बने रहने एवं निगरानी रखने का निदेश दिया गया है।  सिविल सर्जन को सभी राहत शिविरों में मेडिकल टीम की उपस्थिति 24 घंटे सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उन्हें स्वयं बायसी में जाकर सभी मेडिकल व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। बैठक में उपविकास आयुक्त, अपर समाहर्ता , सिविल सर्जन, आपदा प्रबंधन प्रभारी  अभिराम त्रिवेदी,  सहित विभिन्न संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे ।

Next
  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:flood situation critical in North Bihar and Simanchal, people started migrating
बाढ़ से जोगवनी के बाद अब सिलीगुड़ी रूट पर खतरा, कई ट्रेनें ठपकोसी-सीमांचल की अधिकांश नदियां उफनाई, शहर-गांव जलमग्न