class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नसों के लिए कुछ इस तरह से फायदेमंद है कलावा, जानें इसके अन्य फायदे

कलावा

हिन्दू पूजा पाठ के दौरान अपने हाथों पर कलावा बांधते हैं। पूजा पाठ कराने आए पंडित या कोई बड़ा कलावा बांधता है। कलावा बांधने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही कारण हैं। बताया गया है कि कलावा बांधने की परंपरा की शुरुआत देवी लक्ष्मी और राजा बलि द्वारा की गई थी।  

मान्यताओं के अनुसार, यदि कलाई पर कलावा बांधते हैं तो इससे विष्णु, ब्रह्मा और महेश तीनों देवों की कृपा मिलती है। कलावा बांधने के कई फायदे होते हैं। जानें: 

-यदि कोई भी संकट जिंदगी में आ रहा है तो माना जाता है कि कलावा बांधने से वह परेशानी जल्द दूर हो जाती है। 

ये भी पढ़ें: जन्माष्टमी: रात के समय इस जगह रखें मोर पंख, पैसों की तंगी होगी दूर!

-नसों को सही रखने में कलावा अहम भूमिका निभाता है। इससे नसों में होने वाले खून का संचार बेहतर तरीके से होता है।  

-कलावा बांधने से रक्तचाप, दिल संबंधी बीमारी, डायबिटीज आदि जैसी गंभीर बीमारियों से भी सुरक्षा मिलती है। 

-घर में कलावा से बंधी हुई चीजें जरूर रखें। कहा जाता है कि इसको घर में रखने से काफी खुशहाली आती है और घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है। 

इस तरह बांधे कलावा

कलावे को हमेशा कलाई पर बांधते समय याद रखें कि इसे पांच या सात बार घुमाया जाए। मान्यताओं के अनुसार, यदि कलावे को बदलकर नया कलावा बांधना हो तो मंगलवार या शनिवार को यह काम करना चाहिए।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Importance of kalwa which tie on hand
जन्माष्टमी: रात के समय इस जगह रखें मोर पंख, पैसों की तंगी होगी दूर!सूर्यग्रहण: NASA ने दिया सुझाव, इन बातों का रखें खास ख्याल