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दिल खोल कर करें दान, कभी नहीं होगी धन्यधान की कमी 

हिन्दू धर्म में दान की महिमा का विस्तृत वर्णन है।प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आमदनी का 10% दान देना चाहिये। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों से सम्बंधित दान देने का विवरण है। जब आप किसी गरीब व्यक्ति को दान देतें है तो उस व्यक्ति के अंतर्मन से आप के लिये जो कृतज्ञता निकलती है वो वास्तव में ईश्वर का साक्षात् आशीर्वाद है। 
अगर दान आप देते है तो यह भी ईश्वर का एक दूसरा ही रूप है जो की आप को माध्य्म बनाता है क्योंकि स्वयम् ईश्वर किसी का पेट भरने नहीं आयेगा किसी को माध्य्म बना कर भेजेगा। इसलिए दान देने वाला व्यक्ति वह खुशनसीब है जिसे ईश्वर ने चुना है।
गुप्तदान का ही महत्व है क्योंकि दिखा कर किये गए दान का ऐश्वर्य समाप्त हो जाता है। जब भी कोई किसी गरीब को कम्बल उड़ाता है या मदद करता है तो उसका फ़ोटो फ़ेसबुक पर डाल देता है...आजकल इसका ही प्रचलन हो रहा है...दान व दिखावा एक दूसरे के विरोधी हैं.... ऐसा दान महत्वहीन है..............
हिन्दू शास्त्र के अनुसार दानी व्यक्ति को कभी भी कमी नहीं होती.........l

इन वस्तुओं के दान से मिलता है ये लाभ

अनाज का दान
- अनाज का दान करने से जीवन में अन्न का अभाव नहीं होता 
- अनाज का दान बिना पकाए हुए करें तो ज्यादा अच्छा होगा

धातुओं का दान 
- धातुओं का दान विशेष दशाओं में ही करें 
- यह दान उसी व्यक्ति को करें जो दान की गई चीज का प्रयोग करें 
- धातुओं का दान करने से आई हुई विपत्ति टल जाती है

वस्त्रों का दान 
- वस्त्रों का दान करने से आर्थिक स्थिति हमेशा उत्तम रहती है 
- उसी स्तर के कपड़ों का दान करें, जिस स्तर के कपड़े आप पहनते हैं
- फटे पुराने या खराब वस्त्रों का दान कभी भी न करें

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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