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  • ज्योतिष शास्त्र में रत्न पहन कर ग्रहों के बुरे प्रभाव को कम किया जाता है। वहीं ग्रहों को मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न रत्न पहने जाते हैं। रत्न तो कई प्रकार के होते है जैसे नीलम, पन्ना, मूंगा आदि।

  • ज्योतिष के कहने पर कई बार लोग रत्न पहन लेते है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की अशुभता को दूर करने के लिए ग्रहों से संबंधित रत्नों को पहनने की सलाह दी जाती है।

  • ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रत्न धारण करना सौभाग्य प्राप्त करने के लिए श्रेष्ठ उपाय है। हर व्यक्ति को अपनी कुंडली के अनुसार रत्न धारण करना चाहिए। कुंडली में ग्रहों के दोष हों तो संबंधित ग्रह का रत

  • ज्योतिषियों के अनुसार डायमंड हर किसी को सूट नहीं करता है। कहा जाता है कि अगर पहनने के बाद ये आपको सूट नहीं करता तो आपके सामने कोई न कोई समस्याएं आने लगती हैं। आज हम आपको बता रहे हैं हीरे से जुड़

  • यदि पन्‍ना रेखाओं का जाल लिए हो, आभारहित हो, छोटी-छोटी धारियां हों, गड्ढा, खुरदरापन एवं फीका रंग रूप लिए हो अथवा कोई एक सीधी रेखा खड़ी हो, दो प्रकार के रंग हों, पीले या लाल रंग के बिन्दु मौजूद...

  • असली पन्ना रत्न हरे रंग की किरणें अथवा आभा प्रसारित करता रहता है। यह रत्न लोचदार, वजनी, स्वच्छ एवं चिकना होता है। ताप सहन करने में यह हीरे और माणिक्य की तरह कठोर होता है एवं अधिक तापमान पर गर्म...

  • पन्ना बुध ग्रह का रत्न कहा जाता है, इसका स्वामी बुध है। एकदम शुद्ध पन्ने का मिलना काफी मुश्किल होता है। इसके बावजूद बाजार में काफी हद तक शुद्ध पन्ना मिलना कोई कठिन नहीं लेकिन फिर भी धारक को कई...

  • विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी बुद्धि के देवता हैं। बुद्धि से सही समय पर सही निर्णय लेकर जीवन की बड़ी-बड़ी परेशानी का हल निकाल कर बुरा समय को भी अच्छा समय मे बदला जा सकता है। गणेश रुद्राक्ष भगवान गणपति

  • जिस तरह आत्मा के बिना शरीर का कोई मूल्य नहीं, उसी तरह बिना पति सुख स्त्री के जीवन का कोई मूल्य नहीं। पति के साथ ही स्त्री अपने आप को सुरक्षित समझती हैं। एक दूसरे का साथ, विश्वास और समझ ही सुखद दांपत्य

  • ज्योतिष में मनुष्य की समस्याओं के समाधान के लिए रत्नों को पहने की सलाह दी जाती है लेकिन रत्न की परख कैसे करें यह बहुत बड़ा सवाल है। अगर रत्न में कोई दोष है तो उसका लाभ उतना नहीं मिलता, जितना की

  • शनिदेव को प्रसन्न करने के लोग आमतौर पर नीलम, नीली या घोड़े की नाल का छल्ला धारण करते हैं लेकिन अनुकूल बैठने वाला उत्तम रत्न नीलम बहुत कम ही मिलता है । इसके साथ ही उसके भले

  • रत्नों को धारण करने के किसी का मुख्य उद्देश्य यही कि आप जिस किसी ग्रह का प्रतिनिधि रत्न ग्रहण कर रहे हैं, उसकी क्षमता में वृद्धि हो जाए। लेकिन यह भी समझने की जरूरत है कि अगर आपने फायदेमंद रत्न पह