Pravachan, Spiritual Stories, Speech, Katha, Hindu Stories, सत्संग प्रवचन
  • एक राजा था, जो बहुत ही न्याय प्रिय, प्रजा वत्सल और धार्मिक स्वभाव का था। वह नित्य भगवान की पूजा करता और उनसे दर्शन देने की विनती करता था। एक दिन भगवान ने प्रसन्न होकर राजा को दर्शन दिये और राजा...

  • 1. पुरुष भाषण अर्थात कठोर वाणीः कभी-भी कड़वी बात नहीं बोलनी चाहिए। किसी भी बात को मृदुता से, मधुरता से एवं अपने हृदय का प्रेम उसमें मिलाकर फिर कहना चाहिए। कठोर वाणी का सर्वथा त्याग कर देना...

  • राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनाते हुए जब शुक्रदेव जी महाराज को छह दिन बीत गए और तक्षक (सर्प) के काटने से मृत्यु होने का एक दिन शेष रह गया, तब भी राजा परीक्षित का शोक और मृत्यु का भय दूर...

  • बहुतों का विचार है, प्राणायाम श्वास-प्रश्वास की कोई क्रिया है। पर असल में ऐसा नहीं है। वास्तव में श्वास-प्रश्वास की क्रिया के साथ इसका बहुत थोड़ा संबंध है। श्वास-प्रश्वास उन क्रियाओं में से...

  • गंगा दशहरा (4 जून 2017) पर विशेष भारतीय धर्म साहित्य में नदियों को जीवनदायिनी कहा गया है, जिनमें गंगा जी की महिमा अक्षुण्ण है। देव नदी गंगा भारत में मातृ देवता की भांति प्रतिष्ठित-पूजित हैं।...

  • गायत्री माता की उत्पत्ति कब हुई थी? गायत्री महामंत्र का क्या महत्व है?                 तारीफ सिंह, ग्राम- मित्ररोल, हरियाणा गायत्री जयंती ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (इस वर्ष रविवार, 4 जून)...

  • कल्कि विष्णु का भविष्य में आने वाला अवतार माना जाता है। पुराण कथाओं के अनुसार कलियुग में पाप की सीमा पार होने पर विश्व में दुष्टों के संहार के लिए कल्कि अवतार प्रकट होगा। कल्कि अवतार कलियुग...

  • श्रीकृष्ण द्वारका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे, निकट ही गरुड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के चेहरे पर दिव्य तेज झलक रहा था। बातों ही बातों में रानी सत्यभामा ने श्रीकृष्ण स

  • श्रीरामचरितमानस के अरण्य कांड में जब शूर्पणखा लक्ष्मण द्वारा नाक, कान काटे जाने के बाद रावण के पास जाती है। वह रावण को बताती है कि कौन से अवगुण संन्यासी, पराक्रमी राजा तथा गुणवान मनुष्य को भी नष्ट कर

  • एक नगर में दो वृद्ध स्त्रियां बिल्कुल पास-पास रहा करती थी। उन दोनो में बहुत घनिष्ठता थी। उन दोनों का ही संसार में कोई नहीं था इसलिए एक दूसरे का सदा साथ देतीं और अपने सुख-दुःख आपस में बांट लेती थीं। दो

  • श्रीकृष्ण जब महाभारत के युद्ध के बाद लौटे तो रुक्मिणी ने रोष में उनसे पूछा कि युद्ध में सब ठीक था लेकिन उन्होंने द्रोणाचार्य और भीष्म पितामह जैसे धर्मपरायण लोगों के वध में क्यों साथ दिया? इसपर श्री कृ

  • एक स्त्री के प्राण लेने के लिए मृत्यु के देवता ने अपने एक दूत को पृथ्वी पर भेजा।  देवदूत आया, लेकिन वहां की स्थिति को देखकर चिंता में पड़ गया। उस स्त्री के तीन छोटी-छोटी बच्चियां थीं। इनमें से एक