Pravachan, Spiritual Stories, Speech, Katha, Hindu Stories, सत्संग प्रवचन
  • एक बार की बात है नारद जी विष्णु भगवानजी से मिलने गए। भगवान ने उनका बहुत सम्मान किया। नारद जी जब वापस गए तो विष्णुजी ने कहा, हे लक्ष्मी जिस स्थान पर नारद जी बैठे थे, उस स्थान को गाय के गोबर से लीप...

  • महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षर हैं, जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 देवताआं के घोतक हैं। उन तैंतीस देवताओं में 8 वसु, 11 रुद्र, 12 आदित्यठ, एक प्रजापति और 1 षटकार हैं। इन तैंतीस देवताओं की सम्पूर्ण...

  • बहुतों का विचार है, प्राणायाम श्वास-प्रश्वास की कोई क्रिया है। पर असल में ऐसा नहीं है। वास्तव में श्वास-प्रश्वास की क्रिया के साथ इसका बहुत थोड़ा संबंध है। श्वास-प्रश्वास उन क्रियाओं में से...

  • जब तुम तनाव में होते हो, तब तुम्हारी भौहें चढ़ जातीं हैं। जब तुम इस तरह त्योरी चढाते हो, तब तुम चेहरे की 72 नसें और मांस-पेशियां उपयोग में लाते हो। लेकिन जब तुम मुस्कुराते हो तब उन में से केवल चार...

  • भगवान विष्णु व श्री कृष्ण के हर चित्र व मूर्ति में उन्हें सुदर्शन चक्र धारण किए दिखाया जाता है। यह सुदर्शन चक्र भगवान शंकर ने ही जगत कल्याण के लिए भगवान विष्णु को दिया था। इस संबंध में...

  • एक राजा था, जो बहुत ही न्याय प्रिय, प्रजा वत्सल और धार्मिक स्वभाव का था। वह नित्य भगवान की पूजा करता और उनसे दर्शन देने की विनती करता था। एक दिन भगवान ने प्रसन्न होकर राजा को दर्शन दिये और राजा...

  • 1. पुरुष भाषण अर्थात कठोर वाणीः कभी-भी कड़वी बात नहीं बोलनी चाहिए। किसी भी बात को मृदुता से, मधुरता से एवं अपने हृदय का प्रेम उसमें मिलाकर फिर कहना चाहिए। कठोर वाणी का सर्वथा त्याग कर देना...

  • राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनाते हुए जब शुक्रदेव जी महाराज को छह दिन बीत गए और तक्षक (सर्प) के काटने से मृत्यु होने का एक दिन शेष रह गया, तब भी राजा परीक्षित का शोक और मृत्यु का भय दूर...

  • गंगा दशहरा (4 जून 2017) पर विशेष भारतीय धर्म साहित्य में नदियों को जीवनदायिनी कहा गया है, जिनमें गंगा जी की महिमा अक्षुण्ण है। देव नदी गंगा भारत में मातृ देवता की भांति प्रतिष्ठित-पूजित हैं।...

  • गायत्री माता की उत्पत्ति कब हुई थी? गायत्री महामंत्र का क्या महत्व है?                 तारीफ सिंह, ग्राम- मित्ररोल, हरियाणा गायत्री जयंती ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (इस वर्ष रविवार, 4 जून)...

  • कल्कि विष्णु का भविष्य में आने वाला अवतार माना जाता है। पुराण कथाओं के अनुसार कलियुग में पाप की सीमा पार होने पर विश्व में दुष्टों के संहार के लिए कल्कि अवतार प्रकट होगा। कल्कि अवतार कलियुग...

  • श्रीकृष्ण द्वारका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे, निकट ही गरुड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के चेहरे पर दिव्य तेज झलक रहा था। बातों ही बातों में रानी सत्यभामा ने श्रीकृष्ण स



24 जुलाई, 2017