Pravachan, Spiritual Stories, Speech, Katha, Hindu Stories, सत्संग प्रवचन
  • श्रीकृष्ण द्वारका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे, निकट ही गरुड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के चेहरे पर दिव्य तेज झलक रहा था। बातों ही बातों में रानी सत्यभामा ने श्रीकृष्ण स

  • श्रीरामचरितमानस के अरण्य कांड में जब शूर्पणखा लक्ष्मण द्वारा नाक, कान काटे जाने के बाद रावण के पास जाती है। वह रावण को बताती है कि कौन से अवगुण संन्यासी, पराक्रमी राजा तथा गुणवान मनुष्य को भी नष्ट कर

  • एक नगर में दो वृद्ध स्त्रियां बिल्कुल पास-पास रहा करती थी। उन दोनो में बहुत घनिष्ठता थी। उन दोनों का ही संसार में कोई नहीं था इसलिए एक दूसरे का सदा साथ देतीं और अपने सुख-दुःख आपस में बांट लेती थीं। दो

  • श्रीकृष्ण जब महाभारत के युद्ध के बाद लौटे तो रुक्मिणी ने रोष में उनसे पूछा कि युद्ध में सब ठीक था लेकिन उन्होंने द्रोणाचार्य और भीष्म पितामह जैसे धर्मपरायण लोगों के वध में क्यों साथ दिया? इसपर श्री कृ

  • एक स्त्री के प्राण लेने के लिए मृत्यु के देवता ने अपने एक दूत को पृथ्वी पर भेजा।  देवदूत आया, लेकिन वहां की स्थिति को देखकर चिंता में पड़ गया। उस स्त्री के तीन छोटी-छोटी बच्चियां थीं। इनमें से एक

  • जब भगवन राम और रावण की सेना के मध्य भयंकर युद्ध चल रहा था और रावण अपने पराजय के समीप था तब इस समस्या से उबरने के लिए उसने अपने मायावी भाई अहिरावन को याद किया जो मां भवानी का परम भक्त होने के साथ साथ त

  • इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगम्बर हजरत मुहम्मद के साथ साथ उनका पूरा परिवार नेक दिली के लिए जाना जाता है। पैगम्बर हजरत मुहम्मद के परिवार का अहम हिस्सा उनके दामाद हजरत अली भी दरियादिली और मोटिवेशनल...

  • सिय राम मय सब जग जानी ; करहु प्रणाम जोरी जुग पानी ! अर्थात  सब में राम हैं और हमें उनको हाथ जोड़ कर प्रणाम करना चाहिए! एक दिन तुलसीदास जी अपने गांव की ओर जा रहे थे, कि किसी बच्चे ने आवा

  • महाभारत के कुछ ऐसे किस्से भी है कि जिन्हें आपने शायद पहले कभी नहीं सुना होगा। हम सब मानते है की शकुनि कौरवों का सबसे बड़ा हितैषी था जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं था। शकुनि ही कौरवों के विनाश का सबसे बड़ा कारण

  • एक बार सत्यभामा ने श्रीकृष्ण से पूछा, मैं आपको कैसी लगती हूं? श्रीकृष्ण ने कहा, तुम मुझे नमक जैसी लगती हो। सत्यभामा इस तुलना को सुनकर क्षब्ध हो गईं। उन्होंने श्रीकृष्ण से शिकायती लहजे में कहा,...

  • एक आदमी ने नारदमुनि से पूछा मेरे भाग्य में कितना धन है? नारदमुनि ने कहा - भगवान विष्णु से पूछकर कल बताऊंग। रदमुनि ने कहा- 1 रुपया रोज तुम्हारे भाग्य में है। उसकी जरुरतें एक रुपये में पूरी हो जाती...

  • कुछ लोगों पर भूलकर भी विश्वास नहीं करना चाहिए। गरुड़ पुराण की मानें तो ये लोग भरोसे के लायक नहीं माने जाते हैं। गरुड़ पुराण में कई ऐसी बातों का जिक्र है जिनमें जिंदगी की कई परेशानियों का हल छिपा