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भारत, चीन तथा रूस के विदेश मंत्रियों की मंगलवार से बेंगलुरु में आरंभ हो रही त्रिपक्षीय वार्ता में भारत-चीन के उतार-चढ़ाव भरे संबंधों के हावी रहने के आसार हैं।
भारत, चीन तथा रूस के विदेश मंत्रियों की मंगलवार से बेंगलुरु में आरंभ हो रही नौवें दौर की त्रिपक्षीय वार्ता में भारत के चीन से उतार-चढ़ाव भरे संबंधों के हावी रहने के आसार हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को हुआ हिन (थाईलैंड) में कहा था कि भारत और चीन के बीच मतभेदों को विदेश मंत्रियों की आगामी बैठक के दौरान उठाया जाएगा।
रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की दिन भर चलने वाली बैठक का प्रत्यक्ष उद्देश्य वैश्विक वित्तीय संकट, आतंकवाद और संयुक्त राष्ट्र सुधारों जैसे अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा करना है। परंतु बैठक से इतर विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा और चीनी विदेश मंत्री यांग जेइची की बातचीत पर निगाह होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि त्रिपक्षीय वार्ता के लिए जेइची और रूस के विदेश मंत्री सेर्गेइ लावरोव सोमवार को अधिकारियों के दल के साथ बेंगलुरु पहुंचेंगे। बैठक से इतर कृष्णा जेइची के साथ एक अलग बैठक करेंगे।
बैठक के बाद तीनों देशों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाएगा। वैश्विक मंदी का असर कम करने के लिए व्यापार और वाणिज्य का मुद्दा भी बैठक में प्रभावी रहेगा।

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