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अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के मुख्य संरक्षक रामवीर सिंह बिधूडी ने आरक्षण मुद्दे पर फिर गुर्जर आंदोलन शुरू करने की बात कही।
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के मुख्य संरक्षक रामवीर सिंह बिधूडी ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला पर समाज के साथ विश्वाघात करने का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि यदि सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के मौजूदा प्रावधान में से गुर्जरों को पांच प्रतिशत विशेष आरक्षण का प्रावधान नहीं किया तो गुर्जर आन्दोलन फिर से शुरू किया जाएगा। बिधूडी ने कहा कि प्रस्तावित गुर्जर आन्दोलन में समाज को धोखा देने वाले कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला को दूर रखा जाएगा।
उन्होंने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार, गुर्जरों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की सिफारिश केन्द्र को भेजे तथा जबतक गुर्जर इसमें शामिल नहीं हो जाते, तब तक अन्य पिछडा वर्ग में इक्कीस प्रतिशत आरक्षण में से गुर्जरों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण का अलग प्रावधान करे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय अन्य पिछडा वर्ग में गुर्जरों को आरक्षण दिया गया है लेकिन एक ही जाति इसका फायदा उठा रही है जबकि गुर्जरों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यदि एक महीने में मांग स्वीकार नहीं की तो देश भर का गुर्जर अपना हक पाने के लिए फिर से गुर्जर आन्दोलन शुरू करेगा और इस आन्दोलन में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला को दूर रखा जाएगा।
बिधूडी ने कहा कि आन्दोलन के तहत देश भर के गुर्जर जयपुर में सचिवालय या विधानसभा के समक्ष बेमियादी धरना देंगे तथा जयपुर से दिल्ली तक पैदल मार्च कर कांग्रेस और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन देगें।
उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की कि वह गुर्जर समाज को अन्य पिछडा वर्ग के लिए तय इक्कीस प्रतिशत आरक्षण में से पांच प्रतिशत आरक्षण की अलग व्यवस्था करें। मुख्यमंत्री इसे आसानी से लागू कर सकते हैं। बिधूडी ने कहा कि राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल बैंसला ने जब राज्य सरकार के साथ समझौते का प्रारूप तैयार किया उसी समय ही मैने बता दिया था कि यह समझौता अवैधानिक होगा।
कर्नल बैंसला ने मात्र लोकसभा टिकट पाने के लिए समाज के साथ धोखा किया। उन्होंने वसुंधरा राजे की पूर्व सरकार पर गुर्जरों को मीणाओं से लड़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गुर्जर और मीणा के बीच पहले सौहार्दपूर्ण सम्बध थे लेकिन राजे ने दोनों जातियों को लड़ा दिया।
गौरतलब है कि राजस्थान हाई कोर्ट ने गुर्जरों और आर्थिक रूप से पिछडे वर्ग के आरक्षण पर आगामी आदेश तक रोक लगाते हुए राज्य सरकार से गुरुवार को जवाब तलब किया है।

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