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चर्चित कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गये युवक रणवीर की हत्या के तीन महीने बाद सीबीआई ने इस मामले से जुड़े तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है।
चर्चित कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गये युवक रणवीर की हत्या के तीन महीने बाद सीबीआई ने उत्तराखंड के इस सनसनीखेज मामले से जुड़े तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि उप निरीक्षक संतोष जायसवाल को बुधवार को गिरफ्तार किया गया जबकि उप निरीक्षक जीडी भट और कांस्टेबल अजीत सिंह को मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया। सितंबर के शुरुआत में रणवीर सिंह के दो दोस्तों राम कुमार और अशोक कुमार को सीबीआई ने उस स्थान से गिरफ्तार किया था, जहां कथित मुठभेड़ हुई थी।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के देहरादून दौरे के दौरान तीन जुलाई को गाजियाबाद के 22 वर्षीय एक एमबीए छात्र रणवीर सिंह को काफी नजदीक से गोली मारी गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसके अपराधी होने और उसे यहां के लादपुर जंगल में एक मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया। पुलिस ने रणवीर सिंह पर डालनवाला इलाके में पुलिसकर्मी भट का सर्विस रिवाल्वर छीनने का आरोप लगाया गया था।
रणवीर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के दावे के अनुरूप नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक रणवीर को नजदीक से गोली मारी गई है और मरने से पहले उसे प्रताड़ित किया गया। इसके बाद भट और रणवीर सिंह समेत 14 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रायपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए पीड़ित के पिता आरपी सिंह ने कहा कि उन्होंने सीबीआई से मामले की शुरू से जांच करने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि मुझे सीबीआई पर पूरा भरोसा है और निष्पक्ष जांच होने का विश्वास है। आरपी सिंह ने कहा कि गिरफ्तार पुलिसकर्मियों को उम्र कैद की सजा मिलनी चाहिए।

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