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चुनाव आयोग ने इन तीनों राज्यों में शांतिपूर्ण ढंग से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
महाराष्ट्र, हरियाणा और अरूणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान होगा। इन चुनावों को लोकसभा चुनाव के बाद प्रमुख राजनीतिक दलों की लोकप्रियता की कसौटी माना जा रहा है।
चुनाव आयोग ने इन तीनों राज्यों में शांतिपूर्ण ढंग से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा। हरियाणा और अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है जबकि महाराष्ट्र में कांग्रेस शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन सरकार चला रही है।
महाराष्ट्र में सात करोड़ 56 लाख 34 हजार मतदाता 288 विधायकों का चुनाव करेंगे जबकि हरियाणा में एक करोड़ बीस लाख से ज्यादा मतदाता विधानसभा के 90 सदस्यों के निर्वाचन के लिए मत डालेंगे। इसके साथ ही 60 सदस्यीय अरूणाचल विधानसभा के लिए 7.25 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 157 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू समेत तीन सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। तीनों राज्यों में मतगणना 22 अक्तूबर को होगी।
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल और उनके मंत्रिमंडल के 37 सदस्यों सहितराज्य में कुल 3559 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य मंगलवार को इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में बंद हो जाएगा। इनमें 1820 निर्दलीय उम्मीदवार और 211 महिला उम्मीदवार शामिल हैं।
हरियाणा में विकास को आधार बनाकर कांग्रेस दूसरी बार सत्ता पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रही है। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली सफलता से उत्साहित राज्य के मुख्यमंत्री भुपेन्द्र सिंह हुड्डा ने निर्धारित समय से कुछ समय पहले ही विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर नया चुनाव कराने का निर्णय किया था। कांग्रेस, गुटबाजी का शिकार भाजपा, हरियाणा जनहित कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) का सूपड़ा साफ कर राज्य में अपनी स्थिति को मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रही है जबकि विपक्ष लोकसभा चुनाव में हुए अपने सफाये से उबरने के लिए जी जान से जुटा हुआ है।
महाराष्ट्र में कांग्रेस शरद पावर के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। एनसीपी लोकसभा चुनाव में बहुत ज्यादा सफलता हासिल नहीं कर पाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह अपनी स्थिति को मजबूत बनाने में जुटी हुई है। महाराष्ट्र में शिवसेना भाजपा गठबंधन अपनी ताकत बढाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है । हालांकि शिवसेना के लिए कांग्रेस से कहीं ज्यादा दिक्कत उससे अलग होकर महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) का गठन करने वाले राज ठाकरे पैदा कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान शिवसेना के उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे के बीच आरोप प्रत्यारोप का तीखा दौर भी चला।
अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस अपनी स्थिति को काफी सुरक्षित मान रही है। वहां साठ सदस्यीय विधानसभा के लिए मुख्यमंत्री दोरजी खांडू सहित तीन सदस्य निर्विरोध निर्वाचित कर लिए गए हैं।
तीन राज्यों के इन विधानसभा चुनावों के लिए करीब एक महीने तक चले प्रचार अभियान में कांग्रेस और भाजपा के प्रमुख नेताओं के साथ साथ क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। चुनाव के दौरान कहीं कहीं व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप का तीखा दौर भी चला।

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