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काबुल में भारतीय दूतावास को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले की विदेश सचिव निरुपमा राव ने आलोचना की है।
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में भारतीय दूतावास को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले की आलोचना करते हुए विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा कि सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए आत्मघाती हमले में 12 लोग मारे गए तथा करीब तीन आईटीबीपी जवानों सहित 83 अन्य घायल हो गए।
विदेश सचिव निरूपमा राव ने बताया स्थानीय समयानुसार यह विस्फोट सुबह आठ बजकर 27 मिनट पर हुआ। विस्फोट के समय दूतावास के भीतर मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। दूतावास की चारदीवारी की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के हमारे तीन जवान बम विस्फोट के बाद छर्रे लगने से मामूली रूप से घायल हुए हैं, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है।
उन्होंने बताया विस्फोट दूतावास को निशाना बनाकर किया गया, क्योंकि आत्मघाती हमलावर विस्फोटक से लदी कार को लेकर बाहरी चारदीवारी तक आया, निश्चित रूप से उसका मकसद दूतावास को निशाना बनाना था। राव से सवाल किया गया था कि क्या हमला भारतीय दूतावास को निशाना बनाकर किया गया। राव ने बताया कि वह पहले ही काबुल में भारतीय राजदूत जयंत प्रसाद से बात कर चुकी हैं, जिन्होंने बताया है कि दूतावास के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि विस्फोट की तीव्रता कुल मिलाकर जुलाई 2008 में दूतावास पर हुए हमले जैसी ही थी जिसमें भारतीय विदेश सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी तथा ब्रिगेडियर रैंक के रक्षा अटैची समेत चार भारतीय मारे गए थे। राव ने बताया कि वर्ष 2008 के हमले के बाद कर्मचारियों तथा दूतावास की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों ने प्रभावी तरीके से काम किया और ऐसे हादसे की तीव्रता कम करने में मदद की जिसका परिणाम आज अधिक घातक हो सकता था।
सात जुलाई 2008 को भारतीय दूतावास को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद भारतीय प्रशासन ने दूतावास की सुरक्षा के लिए इसके चारों ओर कंक्रीट की एक विशाल दीवार निर्मित की थी जो पिछले विस्फोट में लगभग नष्ट हो गई थी। भारत ने दूतावास कर्मचारियों के लिए कई बुलेट प्रूफ वाहन भी खरीदे थे।
2008 के हमले में भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी वी वी राव तथा रक्षा अताशी आर डी मेहता मारे गए थे। घटना के समय वे अपने वाहनों में थे और दूतावास में प्रवेश कर रहे थे। राव ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अफगानिस्तान में अपने कर्मचारियों तथा हितों की रक्षा के लिए जो भी जरूरी उपाय होगा, करेगा।

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