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रक्षामंत्री एके एंटनी ने गुरुवार को कहा कि चीन की तरह भारत भी अपनी रक्षा क्षमताओं का विकास कर रहा है।
रक्षामंत्री एके एंटनी ने गुरुवार को कहा कि चीन की तरह भारत भी अपनी रक्षा क्षमताओं का विकास कर रहा है।
एंटनी ने रक्षा मंत्रालय के एक समारोह के मौके पर संवाददाताओं से कहा चीन की तरह हम भी अपनी क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं। रक्षामंत्री ने कहा कि सरकार पिछले कुछ वर्षों से तीनों सेनाओं के मूलभूत ढांचे को मजबूती और क्षमताओं को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा इससे पहले हम ऐसा नहीं कर रहे थे।
एंटनी ने कहा कि कभी-कभार की समस्याओं के बावजूद भारत-चीन सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण है और भारत चीन से बातचीत करके सभी संबंधित मसलों का हल निकालने का इच्छुक है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर चीन के औचक हमलों की बढ़ती वारदात के बारे में पूछे जाने पर रक्षामंत्री ने कहा हमें यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि कभी-कभार होने वाली समस्याओं के बावजूद व्यापक रूप से भारत-चीन सीमा पर शांति है।
एंटनी ने कहा कि संबंधित मसलों का बातचीत के जरिए हल निकालना भारत की नीति है। साथ ही हम अपनी प्रभावी प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ा रहे हैं। भारत और चीन के रक्षा खर्च के बीच के अंतर के बारे में पूछे जाने पर एंटनी ने कहा कि यह अन्य देशों के साथ अपने रक्षा व्यय की तुलना करने का सवाल नहीं है। अपनी सेनाओं को शक्तिशाली करने की जरूरत है और हम वही कर रहे हैं।
देश की प्रतिरोधक क्षमता को और विकसित के लिए हाल में उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा हम अपनी सेना, वायुसेना, वायुक्षेत्र, सड़कों और ढांचे को मजबूत कर रहे हैं। चीन के साथ अर्से से लम्बित पड़े सीमा के मसले के बारे में पूछे जाने पर रक्षामंत्री ने कहा कि बेशक, सीमा से जुड़े मुद्दे काफी वक्त से लम्बित हैं। कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकला लेकिन बातचीत जारी रखना हमारी नीति है और हम इस मसले को अपने लोगों की संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए बातचीत के जरिये सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

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