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पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने आईआईएम (ए) के विद्यार्थियों के साथ चंद्रयाऩ-2 के बारे में अपने दृष्टिकोण साझा किये।
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने मंगलवार को भारतीय प्रबंध संस्थान, अहमदाबाद (आईआईएम ए) के विद्यार्थियों के साथ चंद्रयाऩ-2 के बारे में अपने दृष्टिकोण साझा किये। वह यहां 2020 तक भारत के उन्नयन के लिए दृष्टिकोण पर व्याख्यान दे रहे थे।
पूर्व राष्ट्रपति के साथ काम कर रहे वैज्ञानिक वी पोनराज ने कहा कि डॉ कलाम ने मंगलवार को अपने व्याख्यान के दौरान भारतीय प्रबंध संस्थान, अहमदाबाद के छात्रों के साथ चंद्रयान-2 की संभावनाओं के बारे में बातचीत की, जो वह पहले इसरो और नासा के वैज्ञानिकों के साथ कर चुके हैं।
पोनराज ने कहा कि डॉ कलाम ने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को एक पेलोड बनाने का सुझाव दिया था, जो भारत के दूसरे चंद्र अभियान पर जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें चंद्रमा पर उतरने की क्षमता होनी चाहिए। उनके मुताबिक कलाम ने कहा कि पेलोड को चंद्रमा की सतह पर मौजूद पानी की गहराई का पता लगाने के लिए स्पेक्ट्रोस्कॉपिक उपकरणों का इस्तेमाल कर नमूने जुटाना चाहिए।

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