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सीबीआई ने 1984 में हुए सिख दंगों के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर की कथित भूमिका पर बयान देने वाले गवाहों को अविश्वसनिय बताया है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को अदालत को बताया कि 1984 में हुए सिख दंगों के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर की कथित भूमिका के बारे में बयान देने वाले गवाह अविश्वसनीय हैं और उन्होंने झूठा बयान देकर कांग्रेस नेता को फंसाया है ।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट राकेश पंडित के समक्ष अतिरिक्त लोक अभियोजक संजय कुमार ने कहा, जांच के दौरान टाइटलर के खिलाफ केवल दो लोग गवाही देने आये और दोनों गवाह — सुरिंदर और जसबीर सिंह — अविश्वसनीय हैं । टाइटलर को फंसाने के लिए उन्होंने झूठा बयान दिया है। कुमार ने कहा कि हाल ही में दिवंगत गवाह सुरिंदर ने 1984 की घटना में कथित रूप से टाइटलर के शामिल होने के बारे में विरोधाभासी बयाना दिया है ।
नानावटी आयोग के समक्ष 12 जनवरी 2002 को पेश किये गए अपने पहले हलफनामें में गवाह सुरिंदर ने कहा था कि टाइटलर की अगुवाई में एक हजार लोगों की भीड़ ने गुरूद्वारा पुलबंगश पर हमला कर दिया और ठाकुर सिंह तथा बादल सिंह की हत्या कर दी।
जांच एजेंसी ने कहा कि उसी साल पांच अगस्त को दिये अपने दूसरे हलफनामें में उसने दंगों में टाइटलर की किसी प्रकार की भूमिका होने से साफ इनकार कर दिया। गवाह ने इसमें यह कहा था कि पहले हलफनामें की विषय वस्तु को पढ़े बिना ही उसने उस पर हस्ताक्षर कर दिया था ।
अदालत ने केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 31 अक्तूबर को तय कर दी। अगली सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले में दूसरे गवाह जसबीर सिंह के बयान पर अपनी दलील देगा।

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