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लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने शनिवार को माकपा पर प्रहार करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप चरित्र हनन का प्रयास हैं।
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने शनिवार को माकपा पर प्रहार करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप चरित्र हनन का प्रयास हैं और मौजूदा नेतृत्व की राजनैतिक संस्कृति ने पार्टी और वामपंथी राजनीति को करीब-करीब अप्रासंगिक बना दिया।
चटर्जी ने एक कठोर वक्तव्य में माकपा के मुखपत्र पीपुल्स डेली में प्रकाशित उत्तर का उल्लेख किया जिसमें उन पर पार्टी के खिलाफ निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि वह जानबूझकर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ किए जाने से आश्चर्यचकित हैं। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वाम दलों को विश्वास प्रस्ताव के दौरान संसद में वोट के बदले नोट विवाद होने की पहले से जानकारी थी और न ही मैंने कभी इस बात का संकेत दिया कि इस मामले में भाजपा और वाम दलों के बीच कुछ समन्वय था।
सोमनाथ ने कहा कि मेरी धारणा बनी कि अपने गूढ़ फैसले को उचित ठहराने की फिक्र में माकपा ने चरित्र हनन में शामिल होने का निराशाजनक प्रयास किया है। तीन पन्नों के वक्तव्य में चटर्जी ने तीसरे मोर्चे के साथ हाथ मिलाने के लिए पार्टी नेतृत्व की आलोचना की है। चटर्जी ने कहा कि समर्थकों के एक तबके और माकपा सदस्यों को केंद्रीय नेतृत्व के तीसरे मोर्चे के साथ गठजोड़ करने के प्रयासों पर गहरी आपत्ति थी।
सोमनाथ ने कहा कि वे वैसे कुछ राजनैतिक दलों के करीब आने के नेतृत्व के निराशाजनक और हास्यप्रद प्रयासों से चकित थे, जिसमें से ज्यादातर राजनीति में अपराध और भ्रष्टाचार के साकार रूप हैं। यहां तक कि पार्टी के कट्टर समर्थकों ने भी नीतियों और बुनियादी विचारधारा में इस तरह के विचलन का समर्थन नहीं किया।
माकपा के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए सोमनाथ ने कहा कि उत्तर एक सदस्य के खिलाफ पार्टी की अतर्कसंगत कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए जानबूझकर झूठ, मिथ्यापवाद और चरित्र हनन में शामिल होने का स्पष्ट प्रयास है। उन्होंने कहा कि अब सर्वज्ञात है कि पार्टी के एक बड़े तबके ने उन्हें मनमाने तरीके से निकाले जाने का समर्थन नहीं किया था और माकपा के अनेक सदस्य और सक्रिय समर्थक अब भी उनके संपर्क में हैं।
चटर्जी ने कहा कि अनेक लोगों ने निष्कासन के संबंध में उनसे अपना विचार रखने को कहा था लेकिन वह ऐसा करने से बचे थे। उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया और माना कि पार्टी मुझे निष्कासित करने में सही थी और मेरे लिए उस पर पुनर्विचार करने को कहने अथवा अपील दायर करने का कोई अवसर नहीं था।

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